भारतीय नागरिक से शादी वीजा की गारंटी नहीं: केरल HC
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सितंबर 30, नई दिल्ली: भारतीय नागरिक से शादी... क्या विदेशी नागरिक को भारत आने का अपने-आप अधिकार मिल जाता है? केरल हाईकोर्ट ने इस सवाल पर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने एक पाकिस्तानी महिला की याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी विदेशी नागरिक को, भले ही वह भारतीय नागरिक की पत्नी हो, भारत में प्रवेश का कोई अंतर्निहित या कानूनी रूप से लागू कराया जा सकने वाला अधिकार हासिल नहीं होता।
मामला एक पाकिस्तानी महिला का है, जिसकी शादी दुबई में एक भारतीय नागरिक से हुई थी। दंपति विदेश में रह रहा है और महिला अपने देवर की शादी में शामिल होने भारत आना चाहती थी। लेकिन पाकिस्तानी नागरिक होने के कारण वह भारतीय वीजा के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रही थी।अदालत ने कहा कि विदेशियों के भारत में प्रवेश, ठहरने और आवाजाही को नियंत्रित करना केंद्र सरकार का संप्रभु अधिकार है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि 25 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित करने का केंद्र का आदेश अभी लागू है। याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हवाला दिया था, लेकिन अदालत ने कहा कि भारत से बाहर मौजूद इस विदेशी नागरिक के मामले में इन प्रावधानों के आधार पर वीजा आवेदन पर विचार करने का अधिकार नहीं बनाया जा सकता।
यानी अदालत का जोर इस बात पर है कि भारतीय नागरिक से विवाह अपने-आप भारत में प्रवेश या वीजा का कानूनी अधिकार नहीं बनाता।
फोटो- केरल हाईकोर्ट (फाइल फोटो)