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भारी बारिश से अवरुद्ध हुई सड़कों को पीडब्ल्यूडी ने किया बहाल

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

इस मॉनसून सीजन में जिला में अभी तक लगभग 29.22 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान अगस्त 19, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुई भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ है।

जगह-जगह भूस्खलन और पेड़ गिरने से जिले की कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं थीं, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए कुछ घंटों में ही अधिकांश सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया।

सुजानपुर-संधोल सड़क, बदारन-जोल गाहलियां सड़क, कसीरी महादेव-डूहक-छतरूड़ू सड़क, टौणी देवी-उहल सड़क, उहल-जंदड़ू सड़क, लघवाण-टौणी देवी, टियालू-लोहारडा, पंजोत-ललयार, बणी-मटकर और कई अन्य सड़कें भूस्खलन या पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए बंद रहीं।

अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी एवं लेबर लगाकर अधिकांश सड़कों को तुरंत बहाल कर दिया। उधर, नादौन उपमंडल में मान खड्ड का जल स्तर बढ़ने के कारण नादौन-गौना-धनेटा सड़क भी अवरुद्ध रही।

ग्राम पंचायत कश्मीर में कुछ घरों में मलबा आने की सूचना मिलते ही एसडीएम निशांत शर्मा और बचाव दल आज सुबह ही मौके पर पहुंच गए।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में आज दोपहर तक प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार गत 24 घंटों के दौरान जिले भर में 15 लाख रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इस दौरान एक पक्का मकान, 4 कच्चे मकान और एक गौशाला भी क्षतिग्रस्त हुई है।

इसी के साथ इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुकसान का आंकड़ा 29.22 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस अवधि के दौरान जिला में लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 24.13 करोड़ का नुकसान हुआ है।

जल शक्ति विभाग को 4.53 करोड़, बिजली बोर्ड को 39.48 लाख और शिक्षा विभाग को दस हजार रुपये की क्षति हुई है। 3 कच्चे मकान ध्वस्त होने से लगभग 7.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। 9 अन्य कच्चे मकानों और 3 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे लगभग साढे चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 13 गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 2.70 लाख रुपये का नुक्सान हुआ है।

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी विभागों को किसी भी तरह की आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुक्सान की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि बचाव एवं राहत कार्य तुरंत आरंभ किए जा सकें और प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि आने वाले दिनों के दौरान भी जिला में भारी बारिश हो सकती है।

इसलिए, सभी जिलावासी विशेष ऐहतियात बरतें और नदी-नालों के पास न जाएं। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से भी दूर रहें। भारी बारिश में घर से बाहर निकलने का जोखिम न उठाएं। खराब मौसम में पेड़ों के नीचे आश्रय न लें तथा बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी बनाएं रखें।

उन्होंने कहा कि ब्यास नदी के किनारे वाले क्षेत्रों के लोग नदी के पास न जाएं। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति में डीईओसी के टॉल फ्री नंबर 1077 या दूरभाष नंबरों 01972-221277, 221377, 221477 और 221877 पर संपर्क किया जा सकता है।

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AIR Shimla

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