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भाषण के आखिर में मोदी ने जो बोला, सुनकर ताली बजाने लगे जिनपिंग-पुतिन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भाषण के आखिर में मोदी ने जो बोला, सुनकर ताली बजाने लगे जिनपिंग-पुतिन

पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स कोऑपरेशन को और सुदृढ़ करने की प्राथमिकताएं समाहित है। यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति ना हो तो मैं डिक्लेरेशन को एडप्ट करने का प्रस्ताव रखता हूं। किसी सदस्य की ओर से आपत्ति व्यक्त नहीं की गई है। न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वस्मति से एड किया जाता है। इसे भी पढ़ें: Putin की नजर डोभाल पर पड़ी, फिर हुआ कुछ ऐसा...

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबको रिक्वेस्ट करता हूं जरा अपने टेबल पर इसको प्लीज आप सब से मेरा अनुरोध है कि इसको आप इस प्रकार से खोल करके थैंक फ्रेंड्स आज की हमारी बैठक अत्यंत सार्थक और रचनात्मक रही। हमारे विचारों की विविधता के साथसाथ ब्रिक्स सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है।

आज की चर्चा से स्पष्ट है कि बदलते हुए विश्व का संचालन पुराने संस्थानों से नहीं किया जा सकता। रिप्रेजेंटेशन रिस्पांसिवनेस और रूल मेकिंग तीनों में सुधार आवश्यक है। हमने इस बात पर भी बल दिया कि भविष्य की टेक्नोलॉजी और उनके नियमों के निर्माण में ग्लोबल साउथ की बराबर भागीदारी होनी चाहिए।

निर्णयों और उनके परिणामों के बीच जो दूरी बनी हुई है उसे पार्टनरशिप और कलेक्टिव एक्शन से काम करना होगा। आज एडप किया गया न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदले। ब्रिक्स चेयर के रूप में आपके बहुमूल्य योगदान, कंस्ट्रक्टिव स्पिरिच और आपकी प्रतिबद्धता के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

इसी के साथ इस सेशन के समापन की घोषणा करता हूं। इसे भी पढ़ें: ख्वाब हो तुम या...BRICS में बॉलीवुड का तड़का, गाना गाने लगे मलेशियाई PM पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है।

रिजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने का विशेष बल दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग 30 शहरों में आपकी टीम्स का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

फ्रेंड्स, इस वर्ष की ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु मैच्योरिटी और रिस्पांसिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वह अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती है। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिज भी अपने कमिंग ऑफ एज के क्षण में है।

पिछले वर्ष पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और कंसेंसस से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदले।

अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एंबिशियस एजेंडा पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है। किंतु इसकी वजह से हमारा इंस्टीट्यूशनल मोमेंटम नहीं रुकना चाहिए। मैं ब्रिक्स कम कंटिन्यूटी एंड इंप्लीमेंटेशन मैकेनिज्म का प्रस्ताव रखता हूं।

इसके तहत ट्रका के माध्यम से सभी इनिशिएटिव और आउटकम्स का फॉलो अप हो सकेगा। हम एक सिक्योर डिजिटल रिपोजिटरी बना सकते हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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