भास्कर अपडेट्स:आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में लॉरी और ऑटो की टक्कर, 3 की मौत
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आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में रविवार को लॉरी और ऑटो की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, लॉरी मनापुरम की ओर से आ रही थी। मृतकों की पहचान और हादसे की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस हादसे की वजह और घटना की जांच कर रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… गुजरात में बीमारी से 62 शेरों की मौत, शावक सबसे ज्यादा प्रभावित गुजरात में 31 जुलाई 2026 तक एक साल में बीमारी से 62 शेर, शेरनियों और शावकों की मौत हुई।
विधानसभा में सरकार ने यह जानकारी दी। इनमें 28 शावक थे, जो कुल मौतों का 45.2% हैं। वहीं 17 शेर और 17 शेरनियां मरीं। मौतों में निमोनिया, खून की कमी, किडनी-लिवर की खराबी और दूसरी बीमारियां शामिल थीं। सरकार ने किसी एक बीमारी को सबसे बड़ी वजह नहीं बताया है। एयर इंडिया के पायलट की दिल्ली के होटल में संदिग्ध मौत, लेओवर के दौरान रुके थे राजधानी दिल्ली में लेओवर पर रुके एयर इंडिया के एक पायलट की शुक्रवार शाम वसंत कुंज स्थित एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मृतक पायलट की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी और वे मूल रूप से मुंबई के रहने वाले थे। उन्होंने हाल ही में एयर इंडिया एक्सप्रेस से ट्रांसफर लेकर एयर इंडिया जॉइन किया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साहित्यकार केतकी कुशारी डायसन का इंग्लैंड में निधन, 86 वर्ष की थीं भारतीय मूल की लेखिका और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं की प्रख्यात विद्वान केतकी कुशारी डायसन का इंग्लैंड में निधन हो गया।
वे 86 वर्ष की थीं.
उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने इंग्लैंड में अपने आवास पर अंतिम सांस ली.
केतकी कुशारी डायसन ने अंग्रेजी अनुवाद और शोध के माध्यम से नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के साहित्य और कलात्मक योगदान को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विजयनगरम में लॉरी और ऑटो की टक्कर से तीन लोगों की मौत हो गई है। यह घटना सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की गंभीरता को दर्शाती है। ऐसी दुर्घटनाएँ न केवल पीड़ितों के परिवारों को गहरा दुःख देती हैं, बल्कि सार्वजनिक यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ाती हैं। इससे लोगों में सड़क नियमों का पालन करने की जागरूकता बढ़ेगी और सरकार को सड़क सुरक्षा नीतियों पर पुनर्विचार करने की प्रेरणा मिलेगी।