भास्कर अपडेट्स:ओडिशा में ₹9.24 करोड़ सरकारी फंड की हेराफेरी, 2 अधिकारी गिरफ्तार, 77 खातों में भेजी रकम
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
ओडिशा विजिलेंस ने सरकारी फंड की कथित हेराफेरी के मामले में सेक्शन ऑफिसर बनलता मोहंती और जूनियर असिस्टेंट बिभुदत्त नायक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने 2022-23 से 2025-26 के बीच फर्जी मंजूरी आदेश और बिल बनाकर ₹9.24 करोड़ की रकम निजी बैंक खातों में भेजी। जांच में सामने आया कि फर्जी बिलों में अधिकृत लाभार्थियों की जगह आरोपियों के रिश्तेदारों और सहयोगियों के बैंक खाते दर्ज किए गए थे।
कथित तौर पर 48 लोगों के 77 खातों में रकम भेजी गई। इनमें मोहंती के बेटे, ड्राइवर और सहयोगियों के अलावा नायक के भाई और रिश्तेदारों के खाते भी शामिल थे। बाद में इन खातों से कुछ रकम आरोपियों को ट्रांसफर की गई या कैश निकालकर दी गई। हेराफेरी का पता चलने के बाद प्रशासन ने कथित तौर पर ₹3.96 करोड़ की रकम बरामद कर ली।
दोनों अधिकारियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… खाने के सामान में छिपाया 14.81 करोड़ का सोना, मुंबई एयरपोर्ट पर जब्त राजस्व निदेशालय (डीआरआई) ने दुबई से आए तीन यात्रियों से मुंबई एयरपोर्ट पर 9.40 किलो विदेशी मूल का सोना जब्त किया।
इसकी कीमत 14.81 करोड़ रुपए है। सोने को पाउडर बनाकर दूध पाउडर, ओट्स, चॉकलेट स्प्रेड, आटा और नारियल दूध पाउडर में मिलाया गया था। देश में मौसम विज्ञान सेवाओं को कानूनी दायरे में लाने की तैयारी देश में मौसम विज्ञान सेवाएं जल्द कानूनी ढांचे के दायरे में आ सकती हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की समिति ने प्रस्तावित व्यवस्था का जीरो ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
चर्चा और जरूरी संशोधन के बाद इसे मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय ने संसदीय आश्वासन पूरा करने के लिए जुलाई 2027 तक समय मांगा है। दरअसल, कृषि, बिजली, जलाशय संचालन, परिवहन और आपदा प्रबंधन जैसे आर्थिक गतिविधियों से जुड़े तमाम फैसले मौसम के पूर्वानुमान से प्रभावित होते हैं। ऐसे में, ये अहम है कि मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचना कौन देगा।
निजी मौसम एजेंसियां किस व्यवस्था के तहत काम करेंगी। जुलाई 2025 में राज्यसभा में सांसद एएम गोपछड़े के प्रश्न पर सरकार ने बताया था कि मौसम विज्ञान सेवाओं पर कानूनी ढांचे के लिए समिति गठित की है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar