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BHAVYA योजना में MP के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव, 9 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर होगा विकास

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
BHAVYA योजना में MP के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव, 9 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन पर होगा विकास

मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं का विजन प्रस्तुत किया। बैठक में मुख्यमंत्री ने औद्योगिक कॉरिडोर, आधुनिक अधोसंरचना, निवेश की संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। भारत औद्योगिक विकास योजना यानी BHAVYA के तहत मध्यप्रदेश ने फेज-1, राउंड-1 में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। इन परियोजनाओं के लिए कुल 9,047.08 एकड़ क्षेत्र चिन्हित किया गया है, जबकि प्रस्तावित परियोजनाओं की कुल DPR लागत 8,144.35 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में उज्जैन का अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर, धार का भेंसोला, देवास-शाजापुर का पिपलरावां-पालीकालन, रतलाम का पलसोड़ी, सीहोर का आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, सागर का मसवासी ग्रांट, गुना का चैनपुरा, ग्वालियर का मोहना, जबलपुर का धरमपुरा, कटनी का सिमरा और रीवा का शिवसागर शामिल हैं। इन पार्कों को प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से लैस कर निवेश के लिए तैयार करने की योजना है। इनमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, IT और ITeS सहित कई क्षेत्रों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। धार के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यह भारत के सबसे बड़े PM MITRA पार्क का विस्तार होगा और इसमें टेक्सटाइल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन को विकसित करने की योजना है। औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डे-केयर सेंटर, CCTV सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का दावा है कि इन औद्योगिक पार्कों और कॉरिडोर परियोजनाओं के जरिए मध्यप्रदेश में नए निवेश के साथ बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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