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भेड़ाघाट में बनेगा विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भेड़ाघाट में बनेगा विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम

यह स्वीकृति लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की करीब ढाई वर्षों से जारी सतत पहल का परिणाम है। श्री सिंह ने परियोजना की परिकल्पना को ठोस स्वरूप देने, प्रस्ताव तैयार कराने, संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और केंद्र सरकार से स्वीकृति दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए। परियोजना की मंजूरी से जबलपुर के पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।

लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने 18 जनवरी 2024 को मंत्रालय में जियो पार्क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और डिजाइन का प्रस्तुतिकरण देखा था। उन्होंने परियोजना के प्रत्येक निर्माण को प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप रखने, संग्रहालय को आकर्षक और शिक्षाप्रद बनाने तथा लम्हेटा फॉर्मेशन, रानी दुर्गावती और जबलपुर की भू-संस्कृति को इसमें प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने प्रकृति अनुभव आधारित पर्यटन, नेचर स्टे और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया था।

मंत्री श्री सिंह परियोजना की प्रगति और स्वीकृति की प्रक्रिया का लगातार अनुसरण करते रहे। उनके प्रयासों से तैयार प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया और अब इसे स्वीकृति मिली है। इस परियोजना को शहर की प्राकृतिक विरासत, विज्ञान शिक्षा और पर्यटन अर्थव्यवस्था से जुड़ी दीर्घकालीन जरूरत के रूप में आगे बढ़ाया।

मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भेड़ाघाट जबलपुर के साथ पूरे मध्यप्रदेश की पहचान है। यहां की संगमरमर की चट्टानें, धुआंधार जलप्रपात और नर्मदा नदी देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम इस पहचान को नया विस्तार देगा।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जबलपुर की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इस परियोजना की स्वीकृति उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जबलपुर के नागरिकों, भेड़ाघाट के निवासियों और पूरे क्षेत्रवासियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”

परियोजना में लगभग 5,745 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र प्रस्तावित है, जबकि 90 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र को हरित रखने का लक्ष्य है। प्राकृतिक भू-दृश्य और मौजूदा वृक्षों को सुरक्षित रखते हुए संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इससे यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के साथ जुड़ाव महसूस कर सकेंगे। स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, खान-पान और पर्यटन सेवाओं में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।