BHEL की जमीन पर कब्जे का विरोध, अधिकारियों से की चर्चा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भोपाल। BHEL की जमीन पर NAHI द्वारा किए जा रहे कथित कब्जे एवं राज्य सरकार द्वारा BHEL की भूमि को अपने अधीन लेने के प्रयासों का श्रमिक कांग्रेस नेता एवं सीटू यूनियन के कार्यकारी महासचिव दीपक गुप्ता के साथ शाहिद अली, नितिन आकोदिया, विनय सिंह, राकेश वर्मा, डमरूधर पिंग ने कड़ा विरोध किया है।
आज BHEL के अधिकारियों से मुलाकात कर इस पूरे मामले को लेकर अपना जोरदार विरोध दर्ज कराया गया और BHEL की भूमि की सुरक्षा तथा उसे किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अथवा हस्तांतरण से बचाने की मांग की गई।
दीपक गुप्ता ने कहा कि BHEL की जमीन पर सबसे पहला हक उन कर्मचारियों और श्रमिकों का है, जिन्होंने अपने श्रम और वर्षों की मेहनत से BHEL को खड़ा किया है। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा या अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि BHEL की भूमि को लेकर राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी का पुरजोर विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों और BHEL परिवार के हितों की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
BHEL की जमीन पर NAHI द्वारा कब्जे और राज्य सरकार के अधिग्रहण के प्रयासों पर श्रमिक कांग्रेस नेता दीपक गुप्ता और सीटू यूनियन के कार्यकारी महासचिव ने कड़ा विरोध किया। यह विषय BHEL की भूमि के उपयोग और श्रमिक अधिकारों से जुड़ा है, जो उद्योग और श्रम नीति पर प्रभाव डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी नीतियों और निजी हितों के बीच टकराव को उजागर करती है, जिससे सार्वजनिक भूमि प्रबंधन पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि भूमि अधिकारों में अस्पष्टता बढ़े, श्रमिकों के लिए रोजगार