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‘भीड़ से बचें’, फ्रांस में कर्फ्यू और प्रदर्शन के बीच भारतीय दूतवास ने जारी की एडवाइजरी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘भीड़ से बचें’, फ्रांस में कर्फ्यू और प्रदर्शन के बीच भारतीय दूतवास ने जारी की एडवाइजरी

फ्रांस में प्रदर्शन और सरकार की ओर से लगाए गए कर्फ्यू के बीच वहां के हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं.

ऐसे में फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे और फ्रांस की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

इस एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों को फ्रांस के मौजूदा हालात और कर्फ्यू को देखते हुए सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी गई है. इसमें कहा गया है कि बड़ी संख्या में एक जगह इकट्ठा होने से बचें.

साथ ही, उन भीड़भाड़ वाले इलाकों से भी दूर रहें, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं.

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी इसके अलावा, फ्रांस के स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों और एडवाइजरी का पालन करने की भी सलाह दी गई है.

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से स्थानीय समाचारों के जरिए खुद को अपडेट रखने की अपील की है.

साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इन नंबरों और ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं.

भारतीय दूतावास, पेरिस फोन: +33 6 48 34 00 63 ईमेल: cons.paris@mea.gov.in भारत का महावाणिज्य दूतावास, मार्सिले फोन: +33 7 43 16 25 59 ईमेल: cgo.marseille@mea.gov.in फ्रांस दंगों के दौरान एआई का हुआ इस्तेमाल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दावा किया है कि उनके देश में हिंसक प्रदर्शनों के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस में हुए दंगों का किसी धर्म विशेष से कोई लेना-देना नहीं था.

हाल ही में बढ़ती महंगाई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया था.

खाड़ी देशों की यात्रा के बाद दोहा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मैक्रों ने ये बातें कहीं.

एलिसी पैलेस (फ्रांस के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास और मुख्य कार्यालय) ने इस प्रेस वार्ता का सीधा प्रसारण किया.

मैक्रों ने कहा कि सूचनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छेड़छाड़ की गई, जिसके कारण कई लोगों, जिनमें विदेशी नेता भी शामिल हैं, ने गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां कीं.

इन नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाए गए दंगों के फर्जी वीडियो देखकर बयान दिए.

मैक्रों ने स्पष्ट किया कि सप्ताहांत में फ्रांस में जो कुछ हुआ, उसमें उन्हें किसी विदेशी हस्तक्षेप का कोई सुराग नहीं मिला.

मैक्रों बोले- स्थिति नियंत्रण में हालांकि, उन्होंने एआई की मदद से बनाई गई ऐसी तस्वीरें देखीं, जिनमें ऐसे दृश्य दिखाए गए थे, जो फ्रांस में कभी हुए ही नहीं थे.

कुछ लोगों ने दावा किया कि फ्रांस पर प्रवासियों और इस्लामवादियों की भीड़ ने हमला कर दिया है, जबकि यह पूरी तरह झूठ है.

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मौकों पर पता चल जाता है कि कौन फ्रांस को पसंद करता है और कौन नहीं. जो लोग अभी उनके देश के बारे में बुरा बोल रहे हैं, वे फ्रांस को पसंद नहीं करते.

ट्रंप ने फ्रांस में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में दक्षिणपंथी खेमे की प्रमुख उम्मीदवार मरीन ले पेन को एक रूढ़िवादी नेता बताया. फ्रांस में कुछ हलकों में मैक्रों के मध्य पूर्व दौरे की भी आलोचना हो रही है.

रविवार को राष्ट्र के नाम दिए गए उनके संबोधन की भी निंदा की गई. आलोचकों का तर्क था कि उनके संबोधन में आगे की कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी.

वहीं, दोहा से स्वदेश लौटने से पहले मैक्रों ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि स्थिति उनके नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, "घबराहट या बेचैनी के कोई संकेत नहीं हैं. मैं पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा हूं."

📡 स्रोत: NewsData.io

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