भिंड - बलराम कृषि महोत्सव किसानों की सेवा और सम्मान का पर्व : CM मोहन यादव
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भिंड। जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सहभागिता की। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भिंड की धरती ‘जय जवान-जय किसान’ का बेहतर उदाहरण है। कभी डकैत समस्या के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र की पहचान अब कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में बन रही है।
खेती के साथ दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ें किसान
CM ने कहा कि आने वाले समय में कृषि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनने जा रही है। किसानों से उन्होंने अपनी रुचि के अनुसार दुग्ध उत्पादन, श्रीअन्न, मछली पालन और उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में नई शुरुआत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने किसानों से जमीन को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि अपनी जमीन न बेचें और बच्चों को भी इसी जमीन में मेहनत और समर्पण का निवेश करना सिखाएं।
प्राकृतिक खेती और पशुपालन में बढ़ी रुचि
मुख्यमंत्री ने बताया कि भिंड में प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों की रुचि बढ़ रही है। जिले में 3 हजार से अधिक किसानों ने करीब 1,250 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की है। दुग्ध संकलन में भी करीब 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 60 गौशालाओं में गौसेवा की जा रही है और पांडरी गांव में 5 हजार निराश्रित गौवंश के लिए स्वावलंबी गौशाला तैयार करने की दिशा में काम हो रहा है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी किसानों ने आधुनिक तकनीक अपनाई है। भवथरा गांव में 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक के जरिए 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया गया है।
सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से भिंड की खेती-किसानी में बदलाव आ रहा है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ जिले को मिलेगा। उन्होंने बताया कि सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। अटेर की कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना जून 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में करीब 1 लाख 62 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित हो रही है।
प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, फलोद्यान नर्सरी, केंचुआ खाद, उन्नत तकनीक से सब्जी उत्पादन और देशी बीज संरक्षण जैसे क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
महोत्सव में किसानों के लिए ई-केवाईसी, कृषक पंजीयन और फार्मर आईडी के विशेष स्टॉल लगाए गए। कृषि, पशुपालन, डेयरी, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता विभागों ने प्रदर्शनी के जरिए सरकारी योजनाओं और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वसहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के साथ विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर भिंड के कृषि क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भिंड में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एक ऐसा कार्यक्रम है, जहाँ किसानों को सम्मानित किया जाता है और उनकी सेवाओं का जश्न मनाया जाता है। इस महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि सरकार कृषि और ग्रामीण विकास को कितना महत्व देती है और कैसे भिंड जैसे क्षेत्र को ‘जय जवान-जय किसान’ के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे आम जनता को यह भरोसा मिलता है कि उनके हितों की र