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भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

जिस बेटी को परिवार ने शाम को कबाड़ा बीनने के लिए घर से निकलते देखा था, अगले दिन उसका शव खंडहर में मिला। भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या ने परिवार को तोड़ दिया है। पिता का दर्द गुस्से में बदल गया है। वे आरोपी मोबिन को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कानून उसे सजा नहीं दिला सकता तो आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए, वे उसे जिंदा जला देंगे।

बच्ची के पिता से दैनिक भास्कर ने बात की। पिता का आरोप है कि बेटी के साथ गलत काम करने के बाद उसकी हत्या की गई और सबूत छिपाने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर शव के ऊपर पुरानी आलमारी फेंक दी गई और कपड़े से ढक दिया गया। परिवार का गुस्सा सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं है। परिजन पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं।

उनका कहना है कि अगर समय पर बच्ची की तलाश की जाती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। पिता के मुताबिक, आरोपी कबाड़ बीनने का काम करता है और परिवार उसे पहले से जानता था। इसी वजह से बच्ची के लापता होने के बाद उसकी पहचान करने में मदद मिली। पिता की मांग है कि आरोपी को हर हाल में फांसी की सजा मिले।

उनका कहना है कि जब तक बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा, उसकी आत्मा को सुकून नहीं मिलेगा। 15 अक्टूबर की शाम घर से निकली थी बच्ची परिजनों के मुताबिक, बच्ची 15 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे रोजाना की तरह कबाड़ा बीनने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपी मोबिन मिला और वह उसे अपने साथ ले गया।

इसके बाद बच्ची घर नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पिता का कहना है कि बच्ची के लापता होने के बाद 15 अक्टूबर की रात करीब 11 से 12 बजे के बीच वे बैरागढ़ थाने पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी। उनका आरोप है कि पुलिस ने शिकायत से संबंधित कागजी कार्रवाई तो की, लेकिन बच्ची को तलाशने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए।

परिवार पूरी रात बच्ची को खोजता रहा और अगले दिन भी उसकी तलाश जारी रखी। सबसे पहले देखिए घटना के बाद बैरागढ़ में लोगों का गुस्सा… 16 अक्टूबर की दोपहर खंडहर में मिला शव परिजन के अनुसार, 16 अक्टूबर की दोपहर एक अन्य बच्ची कचरा बीनने के लिए खंडहर में पहुंची थी। वहां उसने बच्ची का शव देखा।

इसके बाद परिजन और पुलिस को सूचना दी गई। शव मिलने के बाद परिवार का गुस्सा और बढ़ गया। ‘समय पर तलाश होती तो शायद बेटी जिंदा होती’ बच्ची के पिता ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शिकायत मिलने के बाद समय रहते कार्रवाई की जाती और बच्ची को तलाशना शुरू किया जाता, तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी।

उनका कहना है कि परिवार को बेटी की तलाश खुद करनी पड़ी। इसी वजह से पुलिस के प्रति भी नाराजगी है। पिता ने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई में देरी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और आरोपी को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।

बैरागढ़ में तैनात पुलिस बल… बुआ का आरोप- पहले पकड़ा, पूछताछ के बाद छोड़ दिया बच्ची की बुआ ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, बच्ची के लापता होने की सूचना देने के बावजूद पुलिस उसे तलाशने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रही थी। परिवार के लोग रातभर और अगले दिन तक बच्ची को ढूंढते रहे, लेकिन उन्हें पुलिस से अपेक्षित मदद नहीं मिली।

बुआ का कहना है कि मोहल्ले की एक बच्ची ने उनकी भतीजी को आखिरी बार मोबिन के साथ जाते हुए देखा था। इसी आधार पर परिवार को मोबिन पर शक हुआ। परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। बुआ का आरोप है कि पुलिस ने उनके सामने ही मोबिन से पूछताछ की। उसने बच्ची के बारे में जानकारी होने से इनकार किया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

बच्ची का शव मिलने के बाद आरोपी को दोबारा पकड़ा गया। बुआ ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस ने शुरुआती शिकायत के बाद गंभीरता से कार्रवाई की होती और संदिग्ध से पूछताछ के दौरान मामले को प्राथमिकता दी होती, तो बच्ची को बचाने या घटना का जल्द खुलासा करने में मदद मिल सकती थी। ‘क्या बच्ची किसी अमीर परिवार की होती तो भी ऐसा होता?’ बच्ची की बुआ ने पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या लापता बच्ची किसी अमीर परिवार की होती, तब भी पुलिस का रवैया ऐसा ही रहता?

उनका आरोप है कि गरीब परिवार की बच्ची के मामले में पुलिस ने उतनी तत्परता नहीं दिखाई, जितनी दिखानी चाहिए थी। परिजनों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए और बच्ची के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जो कार्रवाई की, उसकी भी जांच हो। उनका कहना है कि केवल आरोपी को सजा मिलना पर्याप्त नहीं है।

यदि शुरुआती स्तर पर पुलिस की ओर से लापरवाही हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। विरोध प्रदर्शन, थाने का घेराव और जाम बैरागढ़ की घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। आरोपी को कठोर सजा देने की मांग को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और थाने का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।

पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। अब आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही परिजनों की ओर से लगाए गए पुलिस की कथित लापरवाही के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में यौन हिंसा के बाद बच्ची का गला घोंटा भोपाल में 12 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के बाद शनिवार को 3 घंटे विरोध प्रदर्शन हुआ।

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। पढ़ें पूरी खबर…

📡 स्रोत: NewsData.io

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