भोपाल- आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी: संभागायुक्त श्री शर्मा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भोपाल। संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसमें बिलकुल लापरवाही न हो. अधिकारी विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य संस्कृति को अपनाएं।राजस्व अधिकारी राजस्व प्रकरणों एवं लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों का तत्परता से निराकरण करें, कार्य में कोई लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।
संभागायुक्त श्री शर्मा ने वीसी के माध्यम से राजस्व एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जन अभियान के अंतर्गत सभी जिलों में सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा प्रबंधन में दर्ज प्रकरणों के समय - सीमा बाहर एवं 50 दिवस से अधिक की शिकायतों एवं शिविर वार दर्ज शिकायतों का निराकरण करें। प्राप्त शिकायतों के प्रतिवेदन नियत समय में दर्ज करवाएं।
संभागायुक्त श्री शर्मा ने बैठक में उपायुक्त राजस्व को संभाग के सभी जिलों में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के समय - सीमा बाहर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए संभाग के सभी जिलों में फोर्स क्लोज शिकायतों के हितग्राहियों से चर्चा कर समाधान करने के निर्देश भी दिए गए.
संभागायुक्त श्री शर्मा ने बैठक में सभी जिलों में प्रशासनिक कसावट, कार्यालयीन काम-काज में पारदर्शिता, समयबद्ध और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति विकसित करने एवं संभाग के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने रिजल्ट ऑरिएंटेंड कार्य प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भोपाल में संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने आमजन की शिकायतों का त्वरित निवारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। यह विषय नागरिकों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही से जुड़ा है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जनता को यह विश्वास होता है कि अधिकारियों का काम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक समस्याओं का समाधान भी है। यदि शिकायतों का समय पर समाधान होता है तो लोग सरकारी सेवाओं पर भरोसा बढ़ाते हैं, जिससे शासन के प्रति संतुष्टि और सामाजिक समरसता में वृद्धि होती है। इसके अलावा, यह