अपराध

भोपाल में अधिवक्ता विशाल रामनानी की मौत के बाद पत्नी कोमल ने भी दी जान, सुसाइड नोट से खुला शादी का राज

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल में अधिवक्ता विशाल रामनानी की मौत के बाद पत्नी कोमल ने भी दी जान, सुसाइड नोट से खुला शादी का राज

पांच दिन तक लापता रहने के बाद रेलवे ट्रैक पर मिला था विशाल का शव, बैरसिया निवासी कोमल लुहाना से किया था विवाह; दोनों परिवारों को नहीं थी शादी की जानकारी

भोपाल। राजधानी भोपाल में अधिवक्ता विशाल रामनानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनकी पत्नी कोमल लुहाना ने भी जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसके सामने आने के बाद दोनों की शादी की जानकारी उजागर हुई। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 29 वर्षीय अधिवक्ता विशाल रामनानी भोपाल जिला न्यायालय में वकालत करते थे और हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ईरानी मार्केट में अपनी बहन गरिमा के साथ रहते थे। वह 5 अक्टूबर की रात घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने तलाश के बाद हनुमानगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में 10 अक्टूबर को भोपाल रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर उनका शव मिला था। उनकी मौत की परिस्थितियां अभी जांच के दायरे में हैं।

बैरसिया की युवती से किया था विवाह

रिपोर्ट्स के अनुसार, विशाल ने बैरसिया निवासी कोमल लुहाना से कई महीने पहले शादी की थी। बताया जा रहा है कि दोनों के परिजन इस विवाह से अनजान थे और परिवारों की सहमति को लेकर भी स्थिति अनुकूल नहीं थी। कोमल ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर प्रिशा रामनानी नाम से पहचान भी बनाई थी।

विशाल की मौत के बाद बुधवार सुबह कोमल ने भी जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा।

सुसाइड नोट और दोनों घटनाओं की जांच

पुलिस को कोमल के पास से सुसाइड नोट मिला है। हालांकि, नोट में क्या लिखा है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस दोनों की शादी, विशाल की मौत की परिस्थितियों और कोमल के इस कदम के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम सहित अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटनाक्रम को लेकर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।