भोपाल में ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर जोर
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के आईआईएसईआर में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि 485 करोड़ रुपए की लागत से नए कैंपस, आधुनिक लैब और इनोवेशन पार्क विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने शोध और नवाचार को मानव कल्याण से जोड़ने पर जोर दिया।
भोपाल में रिसर्च और इनोवेशन को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भौरी स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी आई.आई.एस.ई.आर में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इनोवेशन—‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पौधरोपण किया और आई.आई.एस.ई.आर परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की नव निर्मित प्रतिमा का अनावरण भी किया।इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ.
यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी प्रकार के शोध और नवाचार को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि आई.आई.एस.ई.आर भोपाल को 485 करोड़ रुपए की लागत से नए कैंपस, आधुनिक लैब और इनोवेशन पार्क की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।
देश में संचालित 7 आई.आई.एस.ई.आर आधुनिक विज्ञान और शोध को आगे बढ़ा रहे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही शोध की समृद्ध परंपरा रही है। आज दर्शन के साथ तर्क, ज्ञान के साथ विज्ञान और साधना के साथ अनुसंधान का समन्वय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नए शोध और नवाचार का उद्देश्य मानव कल्याण होना चाहिए।
—— Hold Up- डॉ मोहन यादव, मुख्यमंत्री Hold up- गोवर्धन दास, सदस्य, नीति आयोग
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भोपाल में आईआईएसईआर के ‘अत्रि’ परिसर का शिलान्यास, एक नया शोध एवं नवाचार केंद्र के निर्माण की शुरुआत है। यह परिसर 485 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक लैब, इनोवेशन पार्क और कैंपस सुविधाओं से लैस होगा। यह कदम राज्य के विज्ञान व प्रौद्योगिकी विकास को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शोधकर्ताओं को बेहतर संसाधन मिलेंगे और नवीन तकनीकों का विकास संभव होगा। आम जनता पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जैसे कि रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय उद्योगों को तकनीकी सहायता मिलेगी और स्वास्थ्य, कृषि तथा ऊ