भोपाल की बिजली आपूर्ति होगी और सुरक्षित, कालियासोत डैम क्षेत्र से हटाई जा रही 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनें
भोपाल की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी यानी एमपी ट्रांसको ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कालियासोत डैम के बैकवॉटर और जलभराव क्षेत्र से गुजर रही 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों को नए मार्ग पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि एमएसीटी-लाइन-इन-लाइन-आउट, एमएसीटी-मंडीदीप और एमएसीटी-अमरावत खुर्द ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित हिस्सों को शिफ्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही करीब 12 ट्रांसमिशन टावरों का पुनर्स्थापन भी किया जाएगा।
दरअसल, मानसून के दौरान कालियासोत डैम का बैकवॉटर बढ़ने से कई टावर जलभराव क्षेत्र में घिर जाते हैं। ऐसे में टावरों तक सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो जाता है और निरीक्षण, रखरखाव व फॉल्ट सुधार के लिए तकनीकी टीमों को नाव का सहारा लेना पड़ता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी संबंधित ट्रांसमिशन संरचनाएं सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच योग्य होंगी। इससे रखरखाव कार्य में तेजी आएगी और बिजली आपूर्ति में व्यवधान होने पर विद्युत बहाली का समय भी कम होगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल ट्रांसमिशन लाइन शिफ्टिंग नहीं, बल्कि भोपाल की शहरी बिजली व्यवस्था को दीर्घकालीन रूप से सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। Hold भोपाल की बिजली आपूर्ति होगी और सुरक्षित, कालियासोत डैम क्षेत्र से हटेंगी ट्रांसमिशन लाइनें
132 केवी की तीन ट्रांसमिशन लाइनों के प्रभावित हिस्से होंगे शिफ्ट करीब 12 ट्रांसमिशन टावरों का भी होगा पुनर्स्थापन मानसून में रखरखाव और फॉल्ट सुधार का काम होगा आसान बिजली बहाली का समय कम करने में मिलेगी मदद