भोपाल- एम्स में टीबी मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए विभेदित टीबी उपचार पर प्रशिक्षण

इसके साथ ही मरीजों के उचित रेफरल और बैक-रेफरल यानी उच्च स्तर के उपचार केंद्र से वापस संबंधित स्वास्थ्य केंद्र तक मरीज की देखभाल जारी रखने की व्यवस्था को मजबूत करने तथा उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण में संकाय सदस्य, रेजिडेंट चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी और प्रयोगशाला कर्मी शामिल हुए। यह कार्यक्रम झपाइगो के तकनीकी सहयोग से राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, मध्य प्रदेश और विश्व स्वास्थ्य संगठन, मध्य प्रदेश के समन्वय से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने किया।
उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मरीज-केंद्रित क्षय रोग सेवाओं को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न स्तरों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशिक्षण सत्रों में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति, लक्ष्यों और सेवा-प्रदान की रूपरेखा पर चर्चा की गई।इसके बाद विभेदित क्षय रोग देखभाल की अवधारणा, इसके लिए पात्रता मानदंड, मरीज की उपचार यात्रा और देखभाल मॉडल को विस्तार से समझाया गया। रिपोर्टिंग प्रारूप और टीबी निवारक उपचार से संबंधित जानकारी भी दी गई।