भोपाल - “जन-जन की भाषा बने संस्कृत, संस्कृत शोभायात्रा ने दिया जागरूकता का संदेश”

“जन-जन की भाषा बने संस्कृत, संस्कृत शोभायात्रा ने दिया जागरूकता का संदेश” भोपाल। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर द्वारा आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को बागसेवनिया क्षेत्र में भव्य संस्कृत शोभायात्रा निकाली गई।
संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरण के उद्देश्य से आयोजित इस शोभायात्रा में परिसर के लगभग 300 छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। परिसर निदेशक प्रो. हंसधर झा ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शोभायात्रा में छात्र-छात्राओं ने संस्कृत भाषा के महत्व एवं भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा से जुड़े प्रेरक नारे लगाते हुए लोगों को संस्कृत के प्रति जागरूक किया। शोभायात्रा परिसर से प्रारंभ होकर बागसेवनिया बाजार क्षेत्र से होते हुए पुनः परिसर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
शोभायात्रा का संयोजन डॉ. राकेश कुमार वर्मा एवं डॉ. विवेक कुमार सिंह ने किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और उमंग के साथ सहभागिता करते हुए संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. हंसधर झा ने कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा की महत्वपूर्ण संवाहक भाषा है।
संस्कृत सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से समाज एवं युवाओं में संस्कृत के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।