भोपाल में मॉब लिंचिंग और हेट स्पीच के खिलाफ विभिन्न समाजों ने भरी हुंकार, संयुक्त फोरम ने किया संघर्ष का ऐलान, देखें वीडियो
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भोपाल। मॉब लिंचिंग, हेट स्पीच, सामाजिक भेदभाव एवं अत्याचार के खिलाफ शोषित समाज एवं अल्पसंख्यक संयुक्त फोरम (UNITED FORUM FOR DEPRIVED & MINORITIES) द्वारा भोपाल में आयोजित शांतिपूर्ण धरने की सदारत मुफ्ती गाज़ी वली अहमद ने की। विभिन्न धर्मों एवं समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखकर न्याय, समानता और भाईचारे की आवाज बुलंद की।
मुस्लिम समाज से नायब शहर काज़ी अली क़दर हुसैन, मुफ्ती गाज़ी वली अहमद, मोहम्मद अफ़ाक, अहमद शाहमीरी ख़ुर्रम, APCR के स्टेट सेक्रेटरी सैयद जावेद अख्तर और APCR के भोपाल जिला उपाध्यक्ष डॉ. फ़ज़ल रहमान ने कहा कि नफरत और हिंसा के खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने मॉब लिंचिंग, हेट स्पीच और सामाजिक भेदभाव की घटनाओं पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज में अमन, भाईचारा और आपसी सम्मान कायम रखने के लिए सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
बहुजन समाज के प्रतिनिधि डॉ. पुष्पेंद्र ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए संविधान में दिए गए समानता एवं न्याय के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।
ईसाई समाज के प्रतिनिधि फादर अनिल मार्टिन ने कहा कि प्रेम, शांति और भाईचारे को मजबूत करना समय की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म या पहचान के आधार पर अन्याय नहीं होना चाहिए।
बौद्ध समाज के प्रतिनिधि अनिल सोनमने ने कहा कि समाज में समानता, मानवता और आपसी सम्मान की भावना मजबूत होनी चाहिए तथा हिंसा और भेदभाव का विरोध किया जाना चाहिए।
सतगुरु रविदास अमृतवाणी से राधाकिसन दास महाराज ने सामाजिक एकता और मानव समानता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में हर व्यक्ति को सम्मान और न्याय मिलना चाहिए।
समाजसेवी शोएब हाशिम ने भी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सभी समाजों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
फोरम के सदस्य ओसाफ अली बब्लू ने कहा कि संयुक्त फोरम हर मजलूम और पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। भोपाल में जोनवार टीमें गठित की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर 500 लोगों की भागीदारी के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर संबंधित थानों एवं प्रशासन के समक्ष न्याय की मांग रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग, हेट स्पीच और अत्याचार के मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फोरम का संदेश है—“नफरत नहीं, न्याय चाहिए; डर नहीं, सुरक्षा चाहिए!”