भोपाल

भोपाल में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर रामकथा की सार्वकालिकता पर संगोष्ठी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर रामकथा की सार्वकालिकता पर संगोष्ठी

मानस भवन में संस्कार भारती और तुलसी मानस प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन

डॉ. प्रभुदयाल मिश्र ने दिया बीज वक्तव्य, रघुनंदन शर्मा ने की अध्यक्षता

भोपाल, अक्टूबर 27: राजधानी में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर रामकथा और महर्षि वाल्मीकि की सार्वकालिकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्कार भारती मध्यभारत प्रांत के साहित्य विभाग, तुलसी मानस प्रतिष्ठान और पंडित रामकिंकर पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में मानस भवन, श्यामला हिल्स में किया गया।

संगोष्ठी में प्रसिद्ध विचारक, चिंतक और रामकथा मर्मज्ञ डॉ. प्रभुदयाल मिश्र ने बीज वक्तव्य दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद एवं तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा ने की। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि के व्यक्तित्व और कृतित्व के साथ रामायण में वर्णित आदर्शों तथा रामकथा की सार्वकालिक प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श किया गया।

वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के साहित्यिक योगदान और भारतीय संस्कृति में उनके महत्वपूर्ण स्थान को रेखांकित किया।

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बाईट: रघुनंदन शर्मा कार्याध्यक्ष तुलसी मानस प्रतिष्ठान भोपाल

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।