भोपाल में महिला आयोग पहुंची विवाहिता, पति पर मौसेरी बहन से संबंध और ससुर पर गन्दी हरकतों का आरोप
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भोपाल। मध्य प्रदेश महिला आयोग के समक्ष घरेलू हिंसा और वैवाहिक प्रताड़ना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता ने अपने पति पर अपनी मौसेरी बहन के साथ कथित अवैध संबंध रखने का आरोप लगाया है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुर उसके साथ अशोभनीय व्यवहार करते थे और अकेले में आपत्तिजनक प्रस्ताव देते थे। आयोग ने शिकायत पर सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता अपने माता-पिता के साथ महिला आयोग पहुंची और बताया कि वर्ष 2022 में विवाह के बाद से ही उसे लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उसका आरोप है कि पति अक्सर मारपीट करता था, उसे अपमानित करता था और परिवार में उसका सम्मान नहीं किया जाता था। प्रताड़ना से तंग आकर वह ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी।
महिला ने आयोग के सामने दावा किया कि उसके पति के अपनी मौसी की बेटी के साथ लंबे समय से कथित संबंध हैं। उसका कहना है कि उसने कई बार दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा है। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
शिकायत में महिला ने गर्भावस्था के दौरान भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि ससुराल पक्ष ने भ्रूण का लिंग पता कराने का प्रयास किया और बेटी होने की जानकारी मिलने पर उस पर गर्भपात का दबाव बनाया गया। महिला का आरोप है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह लंबे समय तक बीमार रही। उसने यह भी आरोप लगाया कि बीमारी के दौरान पति और ससुराल वाले उसे अकेला छोड़कर चले गए।
पीड़िता ने अपने ससुर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार, ससुर अक्सर उसके साथ अनुचित व्यवहार करते थे और अकेले में आपत्तिजनक प्रस्ताव देते थे। महिला का कहना है कि इन्हीं कारणों से वह पिछले काफी समय से पति से अलग रह रही है और उसका खर्च उसके मायके वाले उठा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, महिला और उसके पति की पहचान वर्ष 2015 में हुई थी और दोनों ने वर्ष 2022 में विवाह किया था। महिला का कहना है कि विवाह के बाद पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। दूसरी ओर, पति ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उसने भी पहले पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फिलहाल मध्य प्रदेश महिला आयोग ने दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद मामले में संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है। आयोग का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।