भोपाल मंडी में पहली बार हुई प्याज की सरकारी नीलामी, 4,200 रुपए क्विंटल तक पहुंचा भाव
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भोपाल। कृषि उपज मंडी समिति भोपाल में 1 सितंबर 2026 को प्याज की करीब 700 क्विंटल आवक हुई। मंडी के उप संचालक एवं सचिव नरेश परमार ने प्याज की सरकारी नीलामी की पहली बोली लगाई। भोपाल मंडी के इतिहास में इसे प्याज की नीलामी की पहली सरकारी बोली बताया गया।
ग्राम बड़झिरी के कृषक संतोष कुमार ने 30 कट्टे प्याज घोष विक्रय के माध्यम से सबसे पहले बेचे। उनकी उपज को वसीम ट्रेडर्स ने 3,900 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। मंडी समिति ने किसान संतोष कुमार और क्रेता फर्म वसीम ट्रेडर्स का माला पहनाकर स्वागत किया।
वहीं ग्राम खाईखेड़ा, जिला विदिशा के किसान रणजीत सिंह की प्याज को मोहम्मद सलमान ने अधिकतम 4,200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। मंडी समिति ने दोनों का सम्मान किया। सरकारी नीलामी व्यवस्था शुरू होने से किसानों और व्यापारियों में उत्साह है। किसान लंबे समय से प्याज की पारदर्शी नीलामी व्यवस्था की मांग कर रहे थे।
मंडी समिति के जीवन सिंह राजपूत, रघुवीर शर्मा, विनोद भार्गव, नसीम खान, इन्द्र मणि, राजीव मित्रा दुबे, राहुल और महेंद्र परिहार सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भोपाल मंडी में पहली बार प्याज की सरकारी नीलामी हुई, जहां 4,200 रुपए प्रति क्विंटल का भाव पहुंचा। यह घटना कृषि मंडी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि पहले केवल निजी नीलामियां चलती थीं। यह खबर किसानों के लिए आशा जगाती है, क्योंकि उच्च भाव से उनकी आय बढ़ सकती है और बाजार में प्याज की कीमतें स्थिर हो सकती हैं। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि प्याज की कीमतें नियंत्रित रहेंगी, जिससे खाद्य सुरक्षा और किफायती दाम सुनिश्चित होंगे।