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Bhopal Master Plan-2047: 21 साल का इंतज़ार खत्म, भोपाल मास्टर प्लान-2047 प्रारूप जारी, 1995 के बाद पहली बार बदलेगा भोपाल के विकास का खाका

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Bhopal Master Plan-2047: 21 साल का इंतज़ार खत्म, भोपाल मास्टर प्लान-2047 प्रारूप जारी, 1995 के बाद पहली बार बदलेगा भोपाल के विकास का खाका

Bhopal Master Plan-2047 : 21 साल से अटके Bhopal Master Plan-2047 का ड्राफ्ट अब सामने आ गया है। नए प्लान में वर्ष 2047 तक भोपाल की अनुमानित 45 लाख आबादी, शहर के विस्तार और भविष्य की जरूरतों को आधार बनाया गया है। प्रस्तावित विकास योजना 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में तैयार की गई है, जिसमें 254 गांवों को शामिल किया गया है।

योजना में कुल 61,017.02 हेक्टेयर भूमि को विकास योग्य क्षेत्र के रूप में प्रस्तावित किया गया है। आवासीय, व्यावसायिक और परिवहन सुविधाओं के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस रखा गया है। 1995 के बाद नहीं आया नया Master Plan भोपाल (Bhopal News) के लिए नया मास्टर प्लान इसलिए भी अहम है क्योंकि 1995 के बाद कोई नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ।

पुरानी योजना यानी Bhopal Development Plan-2005 की अवधि 2005 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद Master Plan-2021 और Master Plan-2031 के लिए प्रक्रिया चली, लेकिन दोनों अंतिम रूप लेकर लागू नहीं हो सके। मध्यप्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार Bhopal Development Plan-2005 प्रभावशील रहा और बाद में 2047 के ड्राफ्ट पर काम किया गया।

2005 के मुकाबले कितना अलग है 2047 का Master Plan भोपाल का Bhopal Master Plan-2047 साल 2005 की पुरानी योजना के मुकाबले कहीं व्यापक दायरे और लंबी अवधि की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 2005 की योजना में शहर के तत्कालीन विकास और भूमि उपयोग को व्यवस्थित करने पर जोर था, जबकि 2047 के ड्राफ्ट में 45 लाख की अनुमानित आबादी, 1,016.90 वर्ग किमी का प्लानिंग क्षेत्र और 254 गांवों को ध्यान में रखते हुए शहर के भविष्य के विस्तार की योजना बनाई गई है।

नए ड्राफ्ट में आवासीय विकास के साथ 27.01% Green Area, 51 KM Growth Corridor, Metro और Mobility, Mixed Land Use, Green TDR, Digital Twin City, EKAI City, Redevelopment और Affordable-Rental Housing जैसे प्रावधान शामिल हैं। यानी 2047 का प्लान सिर्फ जमीन के इस्तेमाल की योजना नहीं, बल्कि पर्यावरण, परिवहन, रोजगार, तकनीक और आर्थिक विकास को साथ लेकर भोपाल के अगले दो दशकों से ज्यादा के विकास की रूपरेखा तैयार करने का प्रस्ताव है।

1,017 वर्ग किलोमीटर में विकास का खाका Bhopal Master Plan-2047 में 1,016.90 वर्ग किलोमीटर के निवेश क्षेत्र का प्रस्ताव है। इसमें 254 गांवों को शामिल किया गया है। कुल प्रस्तावित भूमि उपयोग में आवासीय क्षेत्र का हिस्सा सबसे ज्यादा है। 26,755.50 हेक्टेयर यानी 43.85% भूमि आवासीय उपयोग के लिए प्रस्तावित है।

इसके बाद 16,489.94 हेक्टेयर यानी 27.01% ग्रीन एरिया, 5,793.82 हेक्टेयर यानी 9.53% परिवहन और 4,897.97 हेक्टेयर यानी 8.01% सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए प्रस्तावित है। Green Area 16% से बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव नए प्लान में प्राकृतिक संरक्षण पर खास जोर दिया गया है। भोपाल की झीलों, पहाड़ियों, वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्र को संरक्षित रखने की योजना है।

भोजताल और उसके जल ग्रहण क्षेत्र के संरक्षण पर भी विशेष फोकस रखा गया है। मास्टर प्लान में ग्रीन एरिया को मौजूदा करीब 16% से बढ़ाकर 27.01% करने का प्रस्ताव है। वहीं कॉलोनी स्तर पर ओपन स्पेस को भी 10% से बढ़ाकर 12% करने की योजना बताई गई है। 51 KM का Growth Corridor बनेगा निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए करीब 51 किलोमीटर लंबे Growth Corridor का प्रस्ताव है।

यह कॉरिडोर एयरपोर्ट, EKAI City, लॉजिस्टिक हब और उपनगरों को जोड़ने की योजना का हिस्सा है। इसके लिए करीब 3,000 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित की गई है। कॉरिडोर में होटल, IT, AI, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, मॉल, कॉरपोरेट ऑफिस और एजुकेशन हब जैसी गतिविधियों को विकसित करने का प्रस्ताव है। विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर मार्गों को भी इससे जोड़ने की योजना है।

BRTS से MRTS तक अपग्रेड का प्रावधान Growth Corridor के साथ परिवहन व्यवस्था को भी जोड़ा गया है। प्रस्ताव में BRTS Corridor को भविष्य में MRTS में अपग्रेड करने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा शहर में Mobility को बेहतर बनाने के लिए परिवहन नेटवर्क और प्रमुख मार्गों के विकास को मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया गया है।

भवन निर्माण नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव नए प्लान में Building Construction Rules को सरल और युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव है। चौड़े मार्गों पर FAR और भवन की ऊंचाई से जुड़े प्रावधानों में अधिक छूट का प्रस्ताव है। कुछ मामलों में असीमित FAR की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही Mixed Land Use को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि आवासीय और रोजगार गतिविधियों के बीच दूरी कम की जा सके।

Redevelopment को मिलेगा बढ़ावा विकसित क्षेत्रों में Creative Redevelopment के प्रावधान प्रस्तावित हैं। आवासीय अपार्टमेंट के पुनर्विकास के लिए 70% रहवासियों की सहमति पर RWA के माध्यम से Redevelopment का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ Affordable Housing और Rental Housing को प्रोत्साहित करने की योजना भी शामिल है।

Digital Twin City से होगी निगरानी Smart and Safe Bhopal की परिकल्पना के तहत शहर के लिए Digital Twin City का प्रस्ताव है। इसके जरिए अवैध निर्माण, Mobility और विकास कार्यों की Real-Time Monitoring की योजना है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे CCTV कैमरों को नेटवर्क से जोड़ने और सुरक्षित यातायात व Safe City व्यवस्था को मजबूत करने के प्रावधान भी प्रस्तावित हैं।

Parking व्यवस्था में भी बदलाव नए Master Plan में Parking को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित हैं। मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग को बढ़ावा देने के साथ ROB और Flyover के नीचे Parking की व्यवस्था का प्रावधान है। सामुदायिक खुले क्षेत्रों के नीचे भी Parking की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा गया है।

EKAI City में Education, Research और AI पर फोकस भौरी क्षेत्र के Education Hub को विकसित कर Education Knowledge Artificial Intelligence यानी EKAI City बनाने की परिकल्पना की गई है। यहां शिक्षा, रिसर्च, Innovation और AI आधारित Knowledge Economy को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। इसे भोपाल के नए आर्थिक और ज्ञान आधारित विकास क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की योजना है।

Green TDR से जमीन मालिकों और Developers को क्या मिलेगा Master Plan-2047 में Green TDR का प्रावधान भी किया गया है। इसके तहत हरित क्षेत्र में आने वाली जमीन के मालिकों को क्षतिपूर्ति देने के साथ Developers को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा देने की बात कही गई है। इससे हरित क्षेत्रों के संरक्षण और विकास की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का प्रस्ताव है।

18 मीटर से कम सड़क पर कारोबार का क्या होगा आवासीय क्षेत्रों में Commercial Activity को लेकर प्रस्तावित प्रावधान भी अहम हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव है। वहीं 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर Parking और दूसरी शर्तें पूरी होने पर Mixed Land Use के तहत कारोबार की अनुमति देने का प्रावधान प्रस्तावित है।

ये नियम फिलहाल ड्राफ्ट के प्रस्ताव हैं, लागू नियम नहीं। मेट्रो कॉरिडोर के आसपास 15 मंजिल तक भवन Bhopal Metro के आसपास विकास को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर बहुमंजिला निर्माण का प्रस्ताव है। इसमें कुछ क्षेत्रों में 15 मंजिल तक भवन निर्माण की अनुमति का प्रावधान बताया गया है।

इसका उद्देश्य Metro Corridor के आसपास Residential और Commercial Development को बढ़ावा देना है। यह भी फिलहाल प्रस्तावित व्यवस्था है। यह भी पढ़ें: Bhopal Master Plan-2047: 21 साल का इंतज़ार खत्म, भोपाल मास्टर प्लान-2047 प्रारूप जारी, 1995 के बाद पहली बार बदलेगा भोपाल के विकास का खाका कृषि क्षेत्र में स्कूल-अस्पताल की अनुमति Master Plan-2047 में कृषि क्षेत्र के Land Use को लेकर भी प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।

निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति के बाद कृषि क्षेत्र में School, College, Hospital और Warehouse जैसी सुविधाओं के विकास की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा अलग-अलग हिस्सों में Industrial और Commercial Activities के लिए भूमि आरक्षित करने की योजना है। यह भी पढ़ें: Duster Hybrid Launch: Maruti जैसा माइलेज, Creta-Sierra जैसा दमदार लुक...

आ रही Renault की धांसू Hybrid SUV Bhopal Sealing से क्या कनेक्शन है भोपाल में Residential Areas में Commercial Activities को लेकर चल रही Bhopal Sealing कार्रवाई के बीच नए Master Plan का ड्राफ्ट महत्वपूर्ण है। हालांकि ड्राफ्ट में प्रस्तावित नए Land Use और Mixed Land Use प्रावधानों को मौजूदा सीलिंग कार्रवाई पर तत्काल लागू नहीं माना जा सकता।

जब तक नया Master Plan अंतिम रूप से लागू नहीं होता, जमीन और निर्माण की वैधता की जांच मौजूदा लागू नियमों के आधार पर ही होगी। Supreme Court की अनुमति के बाद आगे क्या Supreme Court से ड्राफ्ट प्रकाशित करने की अनुमति मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसे सार्वजनिक करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

ड्राफ्ट के प्रकाशन के बाद नागरिकों से दावे-आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर प्रारूप में बदलाव किए जा सकते हैं और आगे अंतिम योजना की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए जारी किया गया दस्तावेज अभी Final Master Plan नहीं, बल्कि भोपाल के वर्ष 2047 तक के विकास की प्रस्तावित रूपरेखा है।

यह भी पढ़ें: कानपुर कारोबारी हत्याकांड: पिता से नाराज बेटे ने रची हत्या की साजिश, मां ने कहा था- ‘इनका कुछ करो’ चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है योजना भोपाल विकास योजना-2047 को चार प्रमुख आधारों पर तैयार किया गया है प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण, आधुनिक और नागरिक हितैषी नियोजन, सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन और आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला विकास।

इस तरह नए ड्राफ्ट में भोपाल के भविष्य के शहरी विस्तार के साथ पर्यावरण, परिवहन, आवास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। यह भी पढ़ें: Duster Hybrid Launch: Maruti जैसा माइलेज, Creta-Sierra जैसा दमदार लुक...

आ रही Renault की धांसू Hybrid SUV

📡 स्रोत: NewsData.io

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