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भोपाल को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन सख्त, स्कूल-कॉलेजों में सक्रिय होंगी एंटी ड्रग कमेटियां

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन सख्त, स्कूल-कॉलेजों में सक्रिय होंगी एंटी ड्रग कमेटियां

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने NCORD बैठक में दिए निर्देश, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर संयुक्त कार्रवाई और नशामुक्ति केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी पर जोर

भोपाल। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और राजधानी को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने निगरानी और जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी की है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय बनाने और ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के तहत नियमित गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए हैं। वे कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण, युवाओं को जागरूक करने तथा नशामुक्ति केंद्रों में उपचार एवं पुनर्वास की निगरानी को लेकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।

स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी शासकीय महाविद्यालयों में एंटी ड्रग कमेटियां गठित करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

सामाजिक न्याय विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, नशामुक्ति केंद्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से विभागवार कार्ययोजना और गतिविधियों का कैलेंडर तैयार किया जाएगा। अभियान का संदेश अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स का सहयोग लेने पर भी जोर दिया गया।

नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर होगी संयुक्त कार्रवाई

नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) और संबंधित विभागों को समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने विभागों के बीच सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने और अंतरजिला तथा अंतरराज्यीय मामलों में संयुक्त जांच के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया।

बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर को संदिग्ध और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

नशामुक्ति केंद्रों की ऑनलाइन होगी निगरानी

नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर ने जिले के नशामुक्ति केंद्रों की गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी हेतु ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सभी शासकीय और निजी नशामुक्ति केंद्रों की सूची अद्यतन रखने तथा उनका नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से पुलिस, आबकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई।

समन्वित प्रयासों से नशे के खिलाफ अभियान को मिलेगी गति

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता भी जरूरी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और भोपाल को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।

बैठक में राजस्व आसूचना निदेशालय के उत्सव पाराशर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एसपी कौशिक मन्ना, एडीएम महेंद्र सिंह कवचे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।