राजनीति

भोपाल में पहली अंतरराष्ट्रीय जाट संसद संपन्न, लाखों की संख्या में उमड़ा जाट समाज

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल में पहली अंतरराष्ट्रीय जाट संसद संपन्न, लाखों की संख्या में उमड़ा जाट समाज

वीर तेजाजी महाराज की स्मृति में शासकीय अवकाश और पाठ्यक्रम में जीवनगाथा शामिल करने की मांग

भोपाल। राजधानी भोपाल में पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय जाट संसद का संकल्प महासम्मेलन मंगलवार को श्यामला हिल्स स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ।

सम्मेलन में मध्यप्रदेश सहित राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में जाट समाज के प्रतिनिधि एवं तेजा भक्त शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में लाखों की संख्या में समाजजन की सहभागिता रही।

अंतरराष्ट्रीय जाट संसद मध्यप्रदेश के अध्यक्ष ईश्वरलाल जाट ने कहा कि वीर तेजाजी महाराज शौर्य, सत्य, वचनबद्धता और लोक कल्याण के प्रतीक हैं। सम्मेलन का उद्देश्य उनके इतिहास, त्याग और लोक कल्याण की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। सरकार के सामने रखीं दो प्रमुख मांगें सम्मेलन में सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी गईं।

पहली, वीर तेजाजी महाराज की स्मृति में तेजा दशमी पर मध्यप्रदेश में शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। दूसरी, वीर तेजाजी महाराज के शौर्य, त्याग और जीवनगाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके।

इससे पहले पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल के नेतृत्व में जाट समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इन मांगों को रखा था। मुख्यमंत्री ने मांगों पर शीघ्र विचार करने का आश्वासन दिया था। सरकार से मांगों पर तत्काल संज्ञान लेने की अपील

सम्मेलन में शामिल रतलाम से आए अर्जुन जाट, राजगढ़ से किशोर जाट, हरियाणा से सुरेश जाट और धार के जनपद सदस्य सुरेंद्र जाट , कुबेर सिंह जाट ने कहा कि वीर तेजाजी महाराज के इतिहास और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज लंबे समय से इन मांगों को लेकर प्रयासरत है और सरकार को सकारात्मक निर्णय लेकर समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। सम्मेलन में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

सम्मेलन में जाट समाज की एकजुटता और आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोजपुरी में यह खबर भोपाल में पहली अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के आयोजन की है, जहाँ जाट समाज के प्रतिनिधि एकत्रित होकर वीर तेजाजी महाराज की याद में शासकीय अवकाश और पाठ्यक्रम में जीवनगाथा शामिल करने की मांग पर चर्चा कर रहे हैं। यह विषय जाट समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर पर जाट समाज की एकजुटता और उसके सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आवाज़ उठाने का मंच है। आम जनता पर इसका असर समाजिक समावेशिता और शिक्षा नीतियों में बदलाव के रूप में

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।