भोपाल में पीरज़ादा तौकीर निजमी की सदारत में निकला ईद मिलादुन्नबी का रूहपरवर विशाल जलूस, अमन-ओ-भाईचारे का पैगाम
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भोपाल। राजधानी भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक और भव्य परंपरागत मुख्य जलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया। अशोका गार्डन स्थित 80 फीट रोड से शुरू हुआ यह जलूस शहर के विभिन्न रास्तों से गुजरता हुआ लिली टॉकीज चौराहे पर पहुंचकर समाप्त हुआ।

अहले सुन्नत के प्रदेश महासचिव एवं मुस्लिम स्कॉलर पीरज़ादा तौकीर निज़ामी ने बताया कि जुहर की नमाज़ के बाद दोपहर करीब 2 बजे अहले सुन्नत के धर्मगुरुओं ने हरी झंडी दिखाकर जलूस का आगाज़ किया। जलूस में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल हुए और पूरे रास्ते नात-ए-पाक व सलाम की सदाओं से माहौल रूहानी बना रहा।

खास बात यह रही कि जलूस के रास्ते में जगह-जगह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया, जिससे आपसी मोहब्बत, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर सामने आई।

शाम करीब 5 बजे असर की नमाज़ से पहले लिली टॉकीज चौराहे पर धर्मगुरुओं ने मुल्क में अमन, चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ कराई। इस मौके पर जलूस के संयोजक पीरज़ादा तौकीर निज़ामी ने शासन-प्रशासन, पुलिस व्यवस्था में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जलूस में शरीक तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया।
दुआ के बाद परंपरागत मुख्य जलूस का समापन किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम प्रमुखता से दिखाई दिया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ईद मिलादुन्नबी के इस वर्ष के कार्यक्रम में भोपाल के पीरज़ादा तौकीर निजमी की सदारत में भव्य जलूस का आयोजन हुआ। यह पारंपरिक आयोजन मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक एकता को दर्शाता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह शहर में धार्मिक सहिष्णुता और भाईचारे के संदेश को फैलाता है, जिससे समाज में शांति और समरसता को बढ़ावा मिलता है। आम जनता के लिए इसका असर सकारात्मक है—सभी समुदायों को एकजुट करने वाला यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक समझ और आपसी सम्मान को सुदृढ़ करता है, जिससे नागरिकों