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भोपाल - प्रदेश के सभी 52 जिलों में “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम संचालित

लेखक: DD Bhopal अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भोपाल - प्रदेश के सभी 52 जिलों में “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम संचालित

स्कूलों में कानून की पाठशाला, थानों में पुलिसिंग का प्रत्यक्ष अनुभव “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली की दी जा रही है जानकारी युवाओं में बढ़ रहा सुरक्षा-बोध और कानून के प्रति विश्वास

भोपाल - मध्यप्रदेश पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यूनाइटेड नेशंस पॉप्युलेशन फंड (UNFPA) के तकनीकी सहयोग से प्रदेश के सभी 52 जिलों में “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

सामुदायिक पुलिसिंग की इस राज्यव्यापी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून, उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 जुलाई 2026 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया था।

इस अवसर पर अभियान के लिए तैयार विधिक पाठ्य सामग्री “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। प्रदेशभर में एकरूप प्रशिक्षण व्यवस्था कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा हैंडबुक एवं पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार किया गया है।

विधिक पाठ्य सामग्री की परिकल्पना एवं मार्गदर्शन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक पुलिसिंग) श्री डी.पी. गुप्ता एवं सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. संजय गोयल द्वारा किया गया है। मुख्य संपादन उप पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक पुलिसिंग) डॉ. विनीत कपूर तथा सह-संपादन सहायक पुलिस महानिदेशक श्री अमृत मीणा द्वारा किया गया है।

कार्यक्रम के लिए भोपाल स्थित भौंरी पुलिस अकादमी में मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। प्रशिक्षित पुलिस अधिकारी एवं शिक्षक विद्यार्थियों को लगभग 2 घंटे 45 मिनट का प्रशिक्षण देते हैं।

प्रशिक्षण के उपरांत 20 से 25 विद्यार्थियों के छोटे समूहों को पुलिस थाने, जिला पुलिस कंट्रोल रूम एवं डायल-112 की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है। कार्यक्रम का स्‍वरूप

  1. कार्यक्रम के लिए एक विशेष निर्देशिका पुस्तिका तैयार की गई है, जिसमें विद्यार्थियों के लिए उपयोगी एवं व्यवहारिक विषयों को शामिल किया गया है।

पुस्तिका में मानव अधिकार, न्याय संहिता, महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा, यातायात नियम, नशा मुक्ति, अच्छे नागरिकों के कर्तव्य एवं कानून सम्मत आचरण, थाने की कार्यप्रणाली, डायल-112 की कार्यप्रणाली, अपराध पीड़ितों की सहायता तथा डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।

  1. दो मानक PPT प्रस्तुतियां तैयार विद्यार्थियों तक आवश्यक जानकारी सरल, रोचक एवं एक समान तरीके से पहुंचाने के लिए दो मानक PowerPoint Presentations तैयार की गई।

जो पुलिस अधिकारियों तथा प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा संचालित किए जाने का प्रावधान है।

  1. इस क्रियान्‍वयन हेतु दो माह पूर्व प्रदेशभर से चयनित 300 पुलिसकर्मियों एवं शिक्षकों को Training of Trainers (TOT) प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कानून, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर कार्यक्रम में मुख्य रूप से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान संविधान एवं नागरिक कर्तव्यों, महिला एवं बाल सुरक्षा कानून, साइबर अपराधों से बचाव, नशे के दुष्प्रभाव तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर जानकारी दी जाती है।

विद्यार्थियों को POCSO Act, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की सामान्य जानकारी भी दी जा रही है।

साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन ठगी, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, OTP साझा करने, संदिग्ध लिंक, साइबर बुलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से बचाव के उपाय समझाए जाते हैं। जन सुरक्षा तथा पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को नजदीकी पुलिस थानों का भ्रमण कराया जा रहा है।

इस दौरान उन्हें FIR पंजीयन, CCTNS, महिला ऊर्जा डेस्क, बाल-मित्र कक्ष, हवालात, शस्त्रागार एवं मालखाने सहित पुलिस थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाती है।

जिला पुलिस कंट्रोल रूम के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को डायल-112 की कार्यप्रणाली, GPS आधारित लोकेशन ट्रैकिंग, इवेंट डिस्पैचिंग तथा आपात सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में संचालित हो रहा है कार्यक्रम

मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में विद्यार्थियों और पुलिस के बीच संवाद एवं शंका समाधान कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। 5 एवं 6 अगस्त को पुलिस अधीक्षकों के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से कानून, सुरक्षा, यातायात एवं पुलिस की कार्यप्रणाली सहित विभिन्न विषयों पर खुलकर सवाल किए और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

दो चरणों में होगा प्रदेशव्यापी विस्तार “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” को दो चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक जिला मुख्यालयों के शासकीय, पीएमश्री एवं सांदीपनि विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा है।

इसके बाद द्वितीय चरण 15 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक तहसील एवं अनुभाग स्तर के विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा। एकता दिवस हेतु योजना 31 अक्टूबर, 2026 राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के विशेष थाना भ्रमण को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया है।

कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले मास्टर ट्रेनर शिक्षकों तथा सक्रिय सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा तथा भाग लेने वाले छात्र संपूर्ण प्रदेश में एकता दिवस के अवसर पर विभिन्‍न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। कुछ जिलों में किए गए उद्घाटन कार्यक्रम का परिदृश्‍य

हरदा में विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से किए शंका समाधान जिला हरदा में कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।

छात्रा गरमा सावनेर ने पुलिस की वर्दी के खाकी रंग के संबंध में सवाल किया, जबकि छात्रा रजनी धुर्वे ने समानता के अधिकार से जुड़ी जानकारी ली। छात्र दिव्यांशु मंडलेकर ने थानों में अपराधों के रिकॉर्ड रखे जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की।

विद्यार्थियों ने डायल-100 से डायल-112 में हुए परिवर्तन तथा आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली को भी समझा। भिंड में कविता और पुलिस बस के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद

भिंड जिले में रक्षित निरीक्षक श्री अरविन्द सिंह सिकरवार ने आत्मसुरक्षा एवं कानूनी संरक्षण से जुड़े विषयों पर स्वरचित कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को जानकारी दी। विद्यार्थियों को जिला पुलिस बल की AC बस से विद्यालय से सिटी कोतवाली थाना परिसर तक लाया गया तथा थाना भ्रमण के बाद उन्हें वापस विद्यालय पहुंचाया गया।

सागर में आत्मीय वातावरण में हुआ थाना भ्रमण सागर जिले के गोपालगंज थाना प्रभारी श्री घनश्याम शर्मा ने सांदीपनि विद्यालय की छात्राओं का थाना भ्रमण के दौरान स्वागत किया। पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों से सहज संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों को थाने की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध पुलिस सेवाओं की जानकारी दी गई। राजगढ़ में गतिविधि आधारित साइबर जागरूकता राजगढ़ के सांदीपनि विद्यालय में साइबर सेल के विशेषज्ञ श्री शशांक यादव ने विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित तरीके से साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।

फर्जी लिंक, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सावधानियों की जानकारी दी गई। नरसिंहपुर में पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से किया संवाद, ऑपरेशन अपराजिता’ की दी जानकारी

नरसिंहपुर उत्कृष्ट विद्यालय में पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए। इस दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जिले में संचालित “ऑपरेशन अपराजिता” तथा निर्भया मोबाइल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।

“जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में दी जाने वाली विधिक जानकारी के साथ पुलिस की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिल रहा है।

पुलिस थाना, कंट्रोल रूम और डायल-112 की व्यवस्थाओं से परिचय के माध्यम से विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता, सुरक्षा संबंधी व्यवहार तथा पुलिस सेवाओं की जानकारी को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल पुलिस और युवा पीढ़ी के बीच संवाद एवं सहभागिता को बढ़ावा देने वाली सामुदायिक पुलिसिंग की महत्वपूर्ण पहल है।

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