भोपाल : राज्यमंत्री गौर ने बरखेड़ा भेल से संत रविदास कलश वंदन यात्रा का किया शुभारंभ

संत रविदास जी के सामाजिक समरसता एवं समानता के संदेश को प्रत्येक पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा ध्येय : राज्यमंत्री श्रीमती गौर
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बरखेड़ा भेल से संत रविदास कलश वंदन यात्रा का किया शुभारंभ
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जन्म जयंती वर्ष के पावन अवसर पर भोपाल स्थित श्री संत रविदास मंदिर, डी-सेक्टर बरखेड़ा भेल से दिव्य 'कलश वंदन यात्रा' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संत रविदास का भक्तिभाव से स्मरण करते हुए यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
अंतिम व्यक्ति के उत्थान से साकार हो रहा संत रविदास जी का संकल्प
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास का संदेश समाज में व्याप्त विषमता को समाप्त कर समरसता और भ्रातृभाव स्थापित करने का है। संपूर्ण समाज उनकी जयंती को अगाध श्रद्धा एवं समर्पण भाव से मना रहा है। आज की महती आवश्यकता यह है कि उनके कालजयी एवं उदात्त विचारों को भावी पीढ़ियों के अंतर्मन तक संप्रेषित किया जाए।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मूलमंत्र "सबका साथ, सबका विकास" संत रविदास के विचारों की ही प्रतिध्वनि है। समाज के अंतिम पायदान पर स्थित व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाकर उसे प्रथम पंक्ति में प्रतिष्ठापित करना ही संत रविदास के संकल्पों की वास्तविक सिद्धि है। उनके चरणकमलों में शीश नवाकर उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करना हम सभी के लिए परम गौरव का विषय है।
सागर में 102 करोड़ की लागत से आकार ले रहा भव्य संत रविदास मंदिर
राज्य सरकार द्वारा संत रविदास जी के विचारों के व्यापक प्रसार और उनके सम्मान में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्रीमती गौर ने कहा कि सागर में 102 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास के अलौकिक मंदिर एवं स्मारक का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेशभर में स्थित धार्मिक स्थलों तथा देवालयों के पुनरुद्धार एवं जीर्णोद्धार का कार्य भी निरंतर जारी है।
15 लाख रुपये के विकास कार्यों का हुआ भुमि- पूजन
समारोह में श्री संत रविदास मंदिर परिसर में 15 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का भुमि-पूजन हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिक समाज ने संत रविदास के दर्शाए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक समरसता के ताने-बाने को और अधिक सुदृढ़ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।