भोपाल

क्या भोपाल में सक्रिय हुआ अंडकोष चुराने वाला गैंग? 1.20 करोड़ के लालच में अंडकोष के लिए हत्या करने की बात आई सामने

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
क्या भोपाल में सक्रिय हुआ अंडकोष चुराने वाला गैंग? 1.20 करोड़ के लालच में अंडकोष के लिए हत्या करने की बात आई सामने

भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या का सनसनीखेज मामला, अंडकोष बेचने के लिए 1.20 करोड़ के लालच की बात सामने आई

भोपाल। राजधानी भोपाल में एक 17 वर्षीय किशोर के अपहरण और हत्या का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले की शुरुआती पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई है कि किशोर को उसके अंडकोष बेचने के लिए 1.20 करोड़ रुपये तक का लालच दिया गया था। पुलिस अब इस पूरे मामले के पीछे शामिल लोगों और विदेश भेजने से जुड़ी कथित साजिश की गहराई से जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक किशोर 6 अगस्त को लापता हुआ था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब में किशोर का शव बरामद हुआ। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कथित सौदे और किशोर को विदेश भेजने की योजना से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है।

पोस्टमार्टम में सामने आया चौंकाने वाला तथ्य

पोस्टमार्टम के दौरान किशोर के शरीर से अंडकोष नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लेते हुए इस पहलू की जांच शुरू की कि आखिर शरीर के इस अंग को निकालने के पीछे क्या वजह थी और क्या इसका संबंध कथित आर्थिक सौदे से है।

प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर आरोपियों द्वारा किशोर को उसके अंडकोष बेचने के लिए बड़ी रकम का लालच दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस जांच अभी जारी है और कथित सौदे, उसके पीछे मौजूद लोगों तथा विदेश भेजने की योजना की वास्तविकता की जांच की जा रही है।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और किशोर को किस उद्देश्य से निशाना बनाया गया।

मामले में शामिल संदिग्धों से पूछताछ के साथ-साथ पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की पूरी सच्चाई और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।