भोपाल - “संस्कृत सप्ताह महोत्सव का भव्य समापन, ‘संस्कृत भूषण सम्मान’ से प्रतिभाओं का सम्मान”

“संस्कृत सप्ताह महोत्सव का भव्य समापन, ‘संस्कृत भूषण सम्मान’ से प्रतिभाओं का सम्मान” भोपाल - केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर में कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी के संरक्षण में आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव का भव्य समापन गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. ममता खेड़े, अपर कलेक्टर एवं संयुक्त संचालक, आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी, भोपाल रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. हंसधर झा ने की। मुख्य अतिथि डॉ. ममता खेड़े ने कहा कि संस्कृत भारत की ज्ञान, संस्कृति एवं चिंतन परंपरा की महत्वपूर्ण वाहक भाषा है।
युवा पीढ़ी संस्कृत को आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं डिजिटल माध्यमों से जोड़कर इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकती है। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. हंसधर झा ने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति है।
संस्कृत सप्ताह जैसे आयोजन विद्यार्थियों में भाषा के प्रति आत्मीयता, गौरव एवं संस्कार की भावना विकसित करते हैं। महोत्सव के दौरान एकल संस्कृत गीत, संस्कृत भाषण, संस्कृत ज्ञानस्रोत, श्रीमद्भगवद्गीता पारायण, वेद पारायण, संस्कृत विकिपीडिया सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
महोत्सव में परिसर के विद्यार्थियों के साथ भोपाल के शासकीय संदीपनी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बर्रई; शासकीय नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय, मिसरोद; शासकीय आदर्श आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय (गार्गी); केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1, 2 एवं 3 के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह में संस्कृत भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रो. जगत नारायण त्रिपाठी, शासकीय हमीदिया स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, भोपाल तथा डॉ. पवन व्यास, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर को ‘संस्कृत भूषण सम्मान’ प्रदान किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महोत्सव के संयोजक प्रो. सोमनाथ साहू एवं प्रो. कैलास चंद्र दास, सह-संयोजक डॉ. जितेंद्र तिवारी सहित परिसर के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।