भोपाल में शिक्षकों का प्रदर्शन: नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता समेत चार मांगों को लेकर आंबेडकर पार्क में जुटे शिक्षक
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भोपाल, 4 अक्टूबर। नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ देने, कार्यरत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने, ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने और लंबित पदोन्नतियां करने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने भोपाल के आंबेडकर पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और शासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता निर्धारित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। प्रदेश संगठन मंत्री आजाद अध्यापक संघ राजेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि शिक्षकों को उनकी वास्तविक नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षकों का कहना है कि वरिष्ठता से जुड़े निर्णय का उनके वेतन, पदोन्नति और भविष्य की सेवा संबंधी सुविधाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसी कारण वे लंबे समय से इस मांग को शासन के समक्ष उठाते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट से संबंधित वरिष्ठता के फैसले का हवाला देते हुए मांग की कि नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता से जुड़े न्यायिक आदेश को प्रदेश में तत्काल लागू किया जाए। शिक्षकों का दावा है कि यदि आदेश के अनुरूप नियम लागू होते हैं तो बड़ी संख्या में शिक्षकों को सेवा लाभ मिल सकता है।
शिक्षकों के अनुसार, वरिष्ठता का लाभ मिलने पर लंबे समय से लंबित एरियर और वेतन संबंधी आर्थिक लाभ भी प्रभावित शिक्षकों को मिल सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने शासन से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई जल्द करने की मांग की।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के संबंधित आदेश की सटीक शर्तें, उसका मध्यप्रदेश में लागू होने का दायरा और प्रत्येक शिक्षक पर पड़ने वाला वित्तीय प्रभाव संबंधित आधिकारिक आदेश एवं न्यायालय के मूल निर्णय के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है।
टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग
शिक्षकों ने कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग भी की। उनका कहना है कि जो शिक्षक पहले से वर्षों से शासकीय शिक्षण व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए दोबारा पात्रता परीक्षा की बाध्यता से व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो रही हैं।
संघ ने शासन से इस संबंध में स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है, ताकि कार्यरत शिक्षकों की सेवा शर्तों को लेकर असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था बंद करने की मांग
प्रदर्शन में ई-अटेंडेंस व्यवस्था भी शिक्षकों के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। शिक्षकों ने वर्तमान डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को समाप्त कर ऑफलाइन उपस्थिति व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि ई-अटेंडेंस को लेकर उन्हें तकनीकी और व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ ने शासन से शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं का आकलन कर उपस्थिति व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने की मांग की।
लंबित पदोन्नतियां करने की मांग
शिक्षकों ने पात्र कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियां नियमानुसार किए जाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पदोन्नति में देरी से पात्र शिक्षकों की सेवा संबंधी प्रगति प्रभावित हो रही है।
संघ ने मांग की कि पदोन्नति प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि पात्र शिक्षकों को उनके अधिकार का लाभ मिल सके।
प्रदर्शन में प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षक
प्रदर्शन के दौरान आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष भरत सिंह राजपूत, प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह राजपूत, परसराम कापरिया, दर्शन ओल्ड, शिवशंकर मिश्रा सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से शासन के समक्ष रख रहे हैं और चाहते हैं कि संबंधित विभाग इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेकर शिक्षकों को राहत प्रदान करे।
प्रदर्शन स्थल पर श्रीराम कथा का आयोजन
आंबेडकर पार्क में शिक्षकों के प्रदर्शन के साथ विशाल श्रीराम कथा का आयोजन भी किया जा रहा है। एक ही स्थल पर दोनों कार्यक्रम होने के कारण परिसर में धार्मिक एवं संगठनात्मक गतिविधियां भी देखने को मिलीं।
शिक्षकों ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए वे शासन से संवाद और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात आगे भी रखते रहेंगे।