भोपाल- विधिक जागरूकता शिविर में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को दी कानूनी जानकारी
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शिविर के दौरान न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल ने छात्राओं और ग्रामीणजनों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए निडरता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने कानून के प्रति जागरूक रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में उचित मार्गदर्शन लेने की अपील की।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जिला विधिक सहायता अधिकारी मोहम्मद जिलानी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव और मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बच्चों की सुरक्षा से संबंधित पॉक्सो एक्ट के बारे में भी जागरूकता पर जोर दिया गया।
पीएलवी दिनेश शर्मा ने महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क कानूनी सहायता हेल्पलाइन के लिए 15100 तथा पुलिस एवं आपातकालीन सहायता के लिए 112 नंबर की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग करने की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविर समाज में कानून के प्रति समझ विकसित करने, लोगों को उनके अधिकारों से परिचित कराने तथा महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और छात्राएं उपस्थित रहीं।