भोपाल : विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदायों के विकास पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

शासकीय योजनाओं और सामाजिक संस्थाओं की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को जोड़कर बनेगा जॉइंट एक्शन प्लान: राज्यमंत्री श्रीमती गौर विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदायों के विकास पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
शासन, समाज और संस्थाओं के सहयोग से वंचित वर्गों के सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता का होगा सूत्रपात
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि “शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी तथा सामाजिक संस्थाओं के जमीनी नवाचारों व अनुकरणीय गतिविधियों को समाहित कर एक बहुआयामी 'जॉइंट एक्शन प्लान' निर्मित किया जाएगा, जिससे विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर और रोजगार को सीधे जोड़कर आजीविका के नए मार्ग प्रशस्त होंगे”।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थी।
उन्होंने रेखांकित किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति के सर्वांगीण अभ्युदय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'अंत्योदय' के पावन ध्येय को साकार करने के लिए शासन और अशासकीय संस्थाएं परस्पर समन्वय स्थापित कर नए रास्तों का निर्माण कर रही हैं।
संचालनालय, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु समुदाय विकास द्वारा आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी विजन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सभी सहभागियों से समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का दृढ संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यशाला में पद्मश्री श्री भीकू रामजी ईदाते, सामाजिक चिंतक श्री गोरेलाल, भारत सरकार के DWBDNC संचालक श्री रहीस एम, विकास बोर्ड (अभिकरण) के अध्यक्ष श्री बाबूलाल बंजारा तथा संचालक श्री बुद्धेश कुमार वैद्य, विभाग के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और प्रदेश भर से आए स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सीमित संसाधनों और प्रतिकूल परिस्थितियों के मध्य भी सामाजिक संस्थाएं अत्यंत उत्कृष्ट व अनुकरणीय कार्य कर रही हैं।
इन समाजों का इतिहास त्याग, तपस्या और स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान की गाथाओं से परिपूर्ण रहा है, इनके संरक्षण, गरिमापूर्ण जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य व आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करना हमारा नैतिक दायित्व है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन और समाज का यह संयुक्त मंच वंचित वर्गों के उत्थान के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पद्मश्री श्री भीकू रामजी ईदाते ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर के संवेदनशीलता से परिपूर्ण एवं चिंतनशील नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के संवाहक और जीवंत संस्कृति के रक्षक रहे इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए जमीनी स्तर पर घर-घर जाकर कार्य करने की आवश्यकता है।
श्री ईदाते ने महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी आश्रम शालाओं, शोध केंद्रों तथा राज्य, जिला व तहसील स्तर पर संयुक्त समितियों के गठन का दूरदर्शी प्रस्ताव रखा, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ प्रत्येक बस्ती के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
वहीं अभिकरण अध्यक्ष श्री बाबूलाल बंजारा ने सघन सर्वेक्षण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराकर पात्र नागरिकों को जाति प्रमाण पत्र व आवास उपलब्ध कराने की दिशा में जारी प्रयासों को रेखांकित किया तथा बस्ती विकास व छात्रावास अनुदान राशि वृद्धि के लिए राज्यमंत्री श्रीमती गौर के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही श्री गोरेलाल ने समुदाय की भौतिक समस्याओं रोटी, कपड़ा, मकान व स्वरोजगार के स्थायी समाधान के साथ उनके समृद्ध लोकगीतों एवं लोककथाओं के संरक्षण को अनिवार्य बताया।
राज्य स्तरीय कार्यशाला में विभागीय कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक संस्थाओं के धरातलीय अनुभवों का समाकलन कर एक सुदृढ़ 'जॉइंट एक्शन प्लान' की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इसमें जन-अभियान परिषद, 'सीड' योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण तथा 'बडी फॉर स्टडी' व 'उड़ान प्रोजेक्ट' जैसी शैक्षणिक पहलों के समन्वय से बेडिया, नट नागर एवं लोह पीट जैसे विशिष्ट समुदायों के शैक्षणिक व सामाजिक पुनरुद्धार की साझी रणनीति बनायी जाएगी।
यह कार्यशाला शासकीय एवं गैर-शासकीय संस्थाओं के मध्य अटूट समन्वय स्थापित कर वंचित समाजों के स्वावलंबन और उज्ज्वल भविष्य का नया सवेरा अंकित करने में ऐतिहासिक सिद्ध होगी।