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भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव

Relevance: PRIORITY Slug: BJP ON STATE Short Headline: भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव

Synopsis: भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने अवैध खनन को लेकर राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा, उन्होंने एमएमडीआर एक्ट के विरोध पर भी राज्य सरकार को घेरा और कहा कि इस एक्ट में अवैध खनन के खिलाफ किए गए कड़े प्रावधान।

Category: Government , Planning , Accident , Politics

Deadline : 14 SEPTEMBER, RANCHI

14 सितंबर, रांची: भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अवैध खनन से हो रही मौतें सीधे तौर पर हेमंत सरकार की संरक्षित अवैध खनन का परिणाम है। धनबाद में हाल में हुई भू-धंसान से तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। कई अन्य लोग घायल हुए। पिछले 7 वर्षों के हेमंत सरकार के कार्यकाल में कई दर्जन लोगों की अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से मौतें हुईं हैं। धनबाद इलाके में यह धंधा बेलगाम चलता रहा। फिर भी अवैध खनन पर कोई लगाम नहीं लगा। यह घटना महज हादसा नहीं, बल्कि राज्य पोषित अवैध खनन का सीधा और भयावह परिणाम है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ये बेहद आश्चर्य की बात है कि एक साल पहले सितंबर 2025 में इसी जगह स्लाइड से सर्विस वैन पलटने में सात कर्मियों की जान जा चुकी थी। तब भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बंद प्रोजेक्ट में फिर से अवैध खनन शुरू हो गया और अब तीन और जानें चली गईं। बार-बार एक ही जगह पर मौतें हो रही हैं, फिर भी प्रशासन और सरकार आंखें मूंदे हुए है। यह साफ दिखाता है कि अवैध खनन माफियाओं को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।उन्होंने कहा कि बंद खदानों में खुलेआम अवैध कोयला खनन कैसे चल रहा है? सुरक्षा के इंतजाम कहां है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार MMDR एक्ट का विरोध इसलिए कर रही है क्योंकि इस कानून में अवैध खनन के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं। सरकार नहीं चाहती कि माफियाओं पर सख्त कार्रवाई हो, इसलिए वह इस एक्ट का विरोध कर रही है। ग्रामीणों की जान की कीमत पर माफिया और उनके राजनीतिक संरक्षक फल-फूल रहे हैं एक्सपर्ट आकलन लग रहे हैं कि कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयां जितने कोयले का प्रोडक्शन नहीं कर रही है उससे ज्यादा अवैध खनन से प्रोडक्शन हो रहा है।

प्रतुल शाह देव ने मांग की कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषी माफियाओं और उनके संरक्षकों पर तुरंत कार्रवाई हो तथा बंद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था तुरंत मजबूत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने अवैध खनन पर नकेल नहीं कसी तो भाजपा इस मुद्दे पर राज्य सरकार को एक्सपोज कर आंदोलन का रास्ता चुनेगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा, यह विषय है कि अवैध खनन के कारण जमीन ढह रही है और लोगों की जान जा रही है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और MMDAR एक्ट पर भी विरोध जताया है, जिससे नीति-निर्माण पर सवाल उठते हैं। आम जनता पर इसका असर गहरा है: किसान, मजदूर और सामान्य नागरिकों को अपनी सुरक्षा और आजीविका के लिए खतरे का सामना करना पड़ेगा, और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए सार्वजनिक जागरूकता बढ़ेगी।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

भू-धंसान की घातक घटनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि संसाधनों का दुरुपयोग समाज की सुरक्षा को खतरे में डालता है। जब कानून और निगरानी की कमी से खतरों का सामना करना पड़ता है, तो हमें सामूहिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए—सुरक्षित प्रथाओं को अपनाना, पारदर्शी निगरानी और सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना। हर जीवन की कद्र करें, और मिलकर ऐसे विनाशकारी कार्यों को रोकने के लिए कानूनी एवं सामाजिक प्रयासों को सुदृढ़ करें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।