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भूटान के प्रधानमंत्री तोगबे ने अपने ‘बड़े भाई’ पीएम मोदी को बताया ‘विष्णु अवतार’

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भूटान के प्रधानमंत्री तोगबे ने अपने ‘बड़े भाई’ पीएम मोदी को बताया ‘विष्णु अवतार’

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भूटान के पीएम शेरिंग तोगबे (Tshering Tobgay) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘विष्णु अवतार’ बताया है। उनके व्यक्तित्व से खासा प्रभावित तोगबे ने भावनात्मक पोस्ट के जरिए जनसेवा को समर्पित 25 वर्षों के लिए शुभकामनाएं देते हुए एक खत लिखा है। पीएम मोदी को वो क्यों अपना बड़ा भाई मानते हैं इस खत के जरिए उस राज का भी खुलासा किया है।

तोबगे ने एक्स पर कुछ साल पहले पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात के खास पलों का जिक्र किया

पीएम तोगबे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कुछ साल पहले के पन्नों को पलटा है। इस खत में तारीख और मुलाकात के उन खास पलों का जिक्र है। पीएम मोदी को ‘आज के समय का एक अवतार’ बताते हुए लिखते हैं, “27 जुलाई 2019 को, मैं दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला। मेरी पार्टी भूटान के चुनावों में दस महीने पहले ही हार गई थी और संसद में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं था।

मैं न तो प्रधानमंत्री था और न ही सांसद; मैं पीएम मोदी से एक आम नागरिक के तौर पर मिला था। मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनके सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। और मैंने उनसे कहा कि वे हमेशा मेरे बड़े भाई रहेंगे—सिर्फ इसलिए नहीं कि वे उम्र में बड़े हैं, बल्कि इसलिए कि उन्होंने मेरे साथ वैसा ही स्नेह दिखाया जैसा एक बड़ा भाई अपने छोटे भाई के साथ दिखाता है।”

आगे अपने जज्बातों की कहानी लिखी। उन्होंने कहा, ” फिर मैंने उनसे एक और बात कही: मैंने उन्हें विष्णु का अवतार माना। मैंने समझाया कि हमारे इलाके में, ज्ञानी शासकों को लंबे समय से ऐसा ही माना जाता रहा है। मेरी ही बातों ने मुझे हैरान कर दिया। बाद में, मैंने सोचा कि आखिर मैंने ऐसा क्यों कहा। क्या मैं भावनाओं में बह गया था? क्या मैं गलत था? बाद में, जब मैंने अपनी कही बातों पर विचार किया, तो जवाब साफ हो गया। पीएम मोदी को विष्णु का अवतार मानना सही था।”

पीएम मोदी के नेतृत्व कौशल की तारीफ की

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व कौशल की तारीफ करते हुए तोगबे आगे लिखते हैं, ” मैंने उन्हें लगभग 13 वर्षों तक गुजरात का शासन चलाते देखा था, जब वह राज्य विकास, बुनियादी ढांचे, निवेश और काम को अंजाम देने के मामले में देश के लिए एक मिसाल बन गया था। फिर मैंने उन्हें उसी सोच को पूरे भारत के स्तर पर ले जाते देखा: मैन्युफैक्चरिंग, विदेशी निवेश, वित्तीय समावेश, स्वच्छता, तकनीक और बुनियादी ढांचा – और इन सबके पीछे सेवा और काम को पूरा करने पर लगातार जोर दिया गया।”

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।