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बीआईटी मेसरा में जेंडर संवेदीकरण पर कार्यशाला, लैंगिक समानता और समावेशी वातावरण पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बीआईटी मेसरा में जेंडर संवेदीकरण पर कार्यशाला, लैंगिक समानता और समावेशी वातावरण पर जोर

बीआईटी मेसरा में जेंडर संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन, लैंगिक समानता, पॉश अधिनियम, समावेशी संवाद और कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण को लेकर प्रतिभागियों को किया गया जागरूक।

Short Headline: बीआईटी मेसरा में जेंडर संवेदीकरण पर कार्यशाला, लैंगिक समानता और समावेशी वातावरण पर जोर

06 अक्टूबर, रांची: रांची के बीआईटी मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से कैट हॉल में जेंडर संवेदीकरण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों के बीच समावेशी, समतामूलक और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना था। विभागाध्यक्ष डॉ. कुमार संजय सावर्णि की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ.

श्रद्धा शिवानी मौजूद रहीं। कार्यक्रम समन्वयक सहायक प्राध्यापिका डॉ. सुजाता प्रियंवदा दास थीं। मुख्य वक्ता देवनेट एनजीओ, रांची के सह-संस्थापक एवं निदेशक श्याम कुमार ने लैंगिक समानता, अचेतन पूर्वाग्रह, सूक्ष्म भेदभाव और संस्थागत जवाबदेही जैसे विषयों पर संवादात्मक सत्र लिया। कार्यशाला में लिंग और जेंडर के अंतर, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी पॉश अधिनियम 2013, आंतरिक शिकायत समिति, विविधता, समानता एवं समावेशन, जेंडर-तटस्थ भाषा तथा सक्रिय हस्तक्षेप और सहयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण पर भी चर्चा करते हुए लैंगिक रूढ़िवादिता से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया गया। कार्यशाला का समापन संवादात्मक प्रश्नोत्तरी और व्यावहारिक केस स्टडी पर प्रतिभागियों के विचार-विमर्श के साथ हुआ। अंत में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुजाता प्रियंवदा दास ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।