राज्य

बीबीएयू दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह बोले- ज्ञान के साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्रसेवा जरूरी

लेखक: AIR Lucknow अंतिम अपडेट: 29 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बीबीएयू दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह बोले- ज्ञान के साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्रसेवा जरूरी

लखनऊ में आज बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आज जब भारत बोलता है, तो दुनिया सुनती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि नए भारत में सबसे बड़ा परिवर्तन ये है कि देश अब केवल वैश्विक नियमों का अनुसरण नहीं कर रहा है, बल्कि नियम बनाने में भी योगदान दे रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भाषा, संस्कृति और सभ्यता पर राष्ट्रीय गौरव किसी राष्ट्र की आत्मनिर्भरता और प्रगति को बढ़ाता है। श्री सिंह ने यह भी बताया कि पिछले 12वर्षों में भारत में शिक्षा की गुणवत्ता, सुलभताऔर सामर्थ्य में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि अनुसंधान एवं विकास पर व्यय दोगुना हो गया है और 34 वर्षों के बाद एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है।

रक्षामंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं होना चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण भी होना चाहिए।विश्वविद्यालयों को ऐसे युवाओं का पोषण करना चाहिए जिनमें राष्ट्र निर्माण काजुनून हो और जो न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।

A
AIR Lucknow

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।