बिहान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं बुधनी, बीसी सखी के रूप में कर चुकी हैं 10 करोड़ रुपए का लेनदेन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से मिली आर्थिक मजबूती, बेटियों का भविष्य भी संवार रहीं बुधनी
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कोण्डागांव, असल बात News 05 अक्टूबर 2026 कोंडागांव, 05 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर, कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग सुविधाओं तथा स्वरोजगार के लिए सहयोग मिलता है।
इससे महिलाएं अपनी आय बढ़ाने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। इसकी एक मिसाल मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम लखापुरी निवासी श्रीमती बुधनी धारवईया हैं। वर्ष 2019 में जागृति स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बीसी सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया। वे ग्रामीणों को गांव में ही बैंक से राशि आहरण, बीमा, पेंशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
अब तक वे लगभग 10 करोड़ रुपए का लेनदेन कर चुकी हैं। बीसी सखी के कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रुपए की कमीशन आय प्राप्त होती है। बुधनी ने बताया कि पहले उनके परिवार की आजीविका कपड़ा सिलाई के कार्य पर निर्भर थी। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें आय का अतिरिक्त साधन मिला और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला।
अपनी आय का उपयोग वे परिवार की जरूरतों के साथ बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी कर रही हैं। वे अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के तहत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए नियमित रूप से जमा करती हैं। इस प्रकार बिहान से मिले आजीविका के अवसर ने उनके परिवार की वर्तमान आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ भविष्य के लिए बचत का आधार भी तैयार किया है।
बुधनी के साथ ग्रामीणों को भी मिल रहा लाभ बीसी सखी के रूप में बुधनी की सेवाओं से आसपास के ग्रामीण परिवारों को भी सुविधा मिल रही है। अब ग्रामीणों को पेंशन, शासकीय योजनाओं की राशि आहरित करने तथा अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए दूर बैंक शाखा तक जाने की आवश्यकता कम हुई है। इससे उनका समय और आवागमन का खर्च बच रहा है तथा गांव में ही वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
बुधनी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आय का अतिरिक्त साधन, बचत का अवसर, बैंकिंग कार्यों का अनुभव और आत्मविश्वास मिला है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के साथ ग्रामीणों को भी बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से मिला आजीविका का अवसर बुधनी जैसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें अपने परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बना रहा है।
उन्होंने बिहान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने और ग्रामीणों की सेवा का अवसर मिलने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
📡 स्रोत: NewsData.io