बिहार कैबिनेट की बैठक में 43 एजेंडों पर लगी मुहर, MSME नीति 2026 को मंजूरी
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कैबिनेट ने किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में इमेज स्टार्च उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 88 करोड़ 62 लाख रुपये के पूंजी निवेश को मंजूरी दी।
28 अक्टूबर , पटना (पटना , बिहार) : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 5 बजे बिहार कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, बिजली और शहरी विकास से जुड़े कुल 43 एजेंडों पर मुहर लगाई गई।
किशनगंज और गोपालगंज में स्थापित होंगी उत्पादन इकाइयां
कैबिनेट ने किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में इमेज स्टार्च उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 88 करोड़ 62 लाख रुपये के पूंजी निवेश को मंजूरी दी। इस इकाई की स्थापना से 217 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
वहीं, गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर में ग्रीनफील्ड एथेनॉल उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए 97 करोड़ 80 लाख 18 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस इकाई से करीब 210 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
बिहार MSME नीति 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार MSME नीति 2026 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ना है। इसके तहत एक करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने, साख-जमा अनुपात को 75 प्रतिशत तक पहुंचाने और प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा, राज्य के सभी 38 जिलों में MSME केंद्र स्थापित करने की योजना है। साथ ही, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति दी गई है।
बिजली योजनाओं और आर्थिक अपराध इकाई के लिए अहम फैसले
बैठक में बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 11,096 करोड़ 55 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं, आर्थिक अपराध इकाई के बढ़ते कार्यभार को देखते हुए 143 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली।
सोनपुर आयोजन क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी
कैबिनेट ने सोनपुर आयोजन क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी है। यहां प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, फिल्म सिटी, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य विकास परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट के इन फैसलों का मुख्य फोकस औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने पर है।