बिहार-झारखंड में पानी पर नहीं होगी तकरार! शाह ने खत्म कराया 25 साल पुराना विवाद

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थित में आज (31 अगस्त) को बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे से संबंधित समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. इस ऐतिहासिक समझौते से पूर्वी भारत के एक बहुप्रतीक्षित जल विवाद का समाधान हुआ है.
समझौते से बिहार और झारखंड के बहुत बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों किसानों को सिंचाई के लिये जल मिलने के साथ ही लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा.
उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड के बीच लगभग 25 साल पुराने जल विवाद के हल के लिए आज हुआ यह समझौता इस बात का उदाहरण है कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ संवाद हो तो हर समस्या का समाधान संभव है.
दोनों राज्यों के एक बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र, किसानों, ग्रामीण क्षेत्र और पीने के जल की समस्या का हमेशा के लिए आज निराकरण हो गया है.शाह ने कहा कि इस समझौते से बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना की बड़ी आबादी के लिए पीने के पानी और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो जाएगा.
'जल विवाद का समाधान हुआ' शाह ने कहा बिहार और झारखंड के बीच आज के समझौते से पूर्वी भारत के बहुप्रतीक्षित जलविवाद का समाधान हुआ है. उन्होंने कहा कि इस समझौते से बिहार और झारखंड के बहुत बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों किसानों को सिंचाई के लिए जल मिलने के साथ ही लोगों को पीने का पानी उपलब्ध होगा.
आगे कहा कि सोन नदी के बंटवारे के संबंध में आज हुआ समझौता प्रधानमंत्री मोदी की 'टीम भारत' की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'देश के सभी राज्यों का अलग-अलग अस्तित्व तो है ही मगर भारत के परिप्रेक्ष्य में सभी राज्य टीम इंडिया बनकर आगे बढ़ें तो कोई समस्या ऐसी नहीं है, जिसका समाधान न हो सके.
शाह कहा कि इस साल अभी तक कई राज्यों के बीच यह चौथा जल समझौता है, जिससे सिंचाई, ग्रामीण विकास और पेयजल के लिए जल उपलब्धता में इजाफा होगा. बिहार-झारखंड सीएम ने जताया आभार इसके साथ ही, झारखंड के पलामू, गढ़वा और अन्य क्षेत्रों में सिंचाई और
📡 स्रोत: ABP Live