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बिहार के किसानों के दल ने सरसों केंद्र का अवलोकन, खेती की नई विधियों के बारे में ली जानकारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिहार के किसानों के दल ने सरसों केंद्र का अवलोकन, खेती की नई विधियों के बारे में ली जानकारी

भरतपुर, 10 अक्टूबर। भरतपुर के राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र में बिहार के किसानों के दल ने अवलोकन किया। जहां उन्होंने सरसों उत्पादकता और तिलहन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सरसों अनुसंधान केंद्र में कार्यशाला का आयोजन किया गया। केंद्र निदेशक विजय वीर सिंह ने किसानों को धान की कटाई के बाद खेतों में बची नमी का उपयोग करते हुए सरसों की खेती कर अतिरिक्त आय का साधन बनाने को कहा।

उन्होंने कहा कि बार-बार जुताई से मिट्टी संरचना और भौतिक दिशाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा लागत भी बढ़ती हैं। उन्होंने किसानों से आवश्यकता अनुसार खेत तैयार करने और तकनीक अपनाकर बुवाई करने पर जोर दिया। इस दौरान मृदा परीक्षण के बिना उर्वरकों का एक्सपेरिमेंट और कीट रोग प्रबंधन में लापरवाही को भी उपज को प्रभावित करना बताया गया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।