बिहार की वैश्विक ब्रांडिंग में सहयोग करेंगे विदेश सेवा के अधिकारी
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार मूल के विदेश सेवा अधिकारियों से पर्यटन, बौद्ध सर्किट, इको टूरिज्म और छठ महापर्व को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान देने की अपील की।
23 अक्टूबर , पटना (पटना, बिहार) : बिहार के पर्यटन स्थलों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में विदेश सेवा के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में बिहार मूल के विदेश सेवा के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक के दौरान राज्य के पर्यटन, विकास और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य के पर्यटन स्थलों, बौद्ध सर्किट, इको टूरिज्म और छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने में विदेश सेवा के अधिकारी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनके अनुभव, अंतरराष्ट्रीय संपर्क और वैश्विक मंचों पर कार्य करने की क्षमता से बिहार की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बिहार मूल के अधिकारियों से अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ जन्मभूमि के विकास में भी योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे रोजगार के अवसरों के सृजन, स्थानीय कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
बैठक में बिहार के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और राज्य की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। बौद्ध पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और छठ जैसे लोकआस्था के महापर्व को व्यापक पहचान दिलाने के प्रयास राज्य के पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
विदेश सेवा के अधिकारियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार मूल के विदेश सेवा के अधिकारियों को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की यह पहल बिहार की पहचान को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इसके वास्तविक परिणाम अधिकारियों के समन्वय, प्रचार-प्रसार की रणनीति और आगे की कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।