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बिजली बिल से शराबबंदी और आदिवासी जमीन तक गरमाया मुद्दा, सपा का कलेक्टर को ज्ञापन; 25 सितंबर तक सुनवाई नहीं तो आंदोलन

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिजली बिल से शराबबंदी और आदिवासी जमीन तक गरमाया मुद्दा, सपा का कलेक्टर को ज्ञापन; 25 सितंबर तक सुनवाई नहीं तो आंदोलन

शिवपुरी। समाजवादी पार्टी जिला शिवपुरी के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह यादव (कृष्णा इमलौदा) ने बुधवार को विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिजली उपभोक्ताओं से अधिक बिल वसूले जाने, किसानों को खाद ब्लैक में दिए जाने, शराब की दुकानें बंद कराने, राशन की कालाबाजारी रोकने और शहर के वार्डों की मुख्य सड़कों की दुरुस्ती कराने की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि 25 सितंबर 2026 तक मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में आदिवासी महिलाओं की जमीन दबंगों और भू-माफियाओं द्वारा हड़पने के आरोप भी लगाए गए। पार्टी ने घुटारी गांव की घटना का उल्लेख करते हुए आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की। वहीं कोलारस थाने में आदिवासी लोगों को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए नरेश यादव दिमानी सहित संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई गई।

घुटारी में आदिवासी की पट्टे की जमीन पर कब्जे का आरोप

इधर, कोलारस थाना क्षेत्र के सैसई सड़क निवासी 45 वर्षीय आदिवासी सीताराम पुत्र चरन सिंह ने थाना प्रभारी को शिकायत देकर घुटारी मौजे में स्थित अपनी पट्टे की जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है।

शिकायत के अनसार सर्वे नंबर 267 में 1.2400 हेक्टेयर और सर्वे नंबर 138 में 2.4900 हेक्टेयर जमीन है। सर्वे नंबर 138 में सीताराम और उसकी बहन अंगूरी आदिवासी के नाम जमीन होने की बात कही गई है।

सीताराम का आरोप है कि घुटारी निवासी मेजर सिंह सरदार पिछले साल से उसकी जमीन पर कब्जा किए हुए है और उसे खेती नहीं करने दे रहा। शिकायतकर्ता के अनुसार पहले उसने जमीन पर गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन अब उसे जमीन पर खेती करने से रोका जा रहा है। सीताराम ने पुलिस से मेजर सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर पर पुष्टि और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं