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बिजली संविदा कर्मचारियों का 22 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन, मांगें नहीं मानीं तो दीपावली में कार्य बहिष्कार की चेतावनी

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिजली संविदा कर्मचारियों का 22 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन, मांगें नहीं मानीं तो दीपावली में कार्य बहिष्कार की चेतावनी

भोपाल। मध्यप्रदेश के विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में हो रही देरी के विरोध में यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाईज एवं इंजीनियर्स ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने 22 अक्टूबर 2026 को भोपाल में एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में दीपावली के दौरान अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जैसे अगले चरण के आंदोलन पर निर्णय लिया जा सकता है।

यूनाइटेड फोरम के प्रांतीय अध्यक्ष इंजी. आर.एस. कुशवाहा के अनुसार, विभागीय परीक्षा के माध्यम से संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी के कारण प्रदेशभर के करीब 5 हजार संविदा कर्मचारियों में असंतोष और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।

संगठन के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि ऊर्जा विभाग ने 24 जुलाई 2026 को जारी परिपत्र में 31 अक्टूबर 2026 तक लगभग 5 हजार बिजली संविदा कर्मचारियों की विभागीय परीक्षा आयोजित कर नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। संगठन का कहना है कि निर्धारित समय-सीमा नजदीक आने के बावजूद विभागीय परीक्षा से संबंधित अधिसूचना या भर्ती विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने और नियमितीकरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर को भोपाल में एकदिवसीय प्रदर्शन का निर्णय लिया है। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य शासन और ऊर्जा विभाग का ध्यान कर्मचारियों की लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना तथा प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग करना है।

संगठन के अनुसार, मांगों के समर्थन में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सांसदों, विधायकों, कलेक्टरों और अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद विभागीय परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

यूनाइटेड फोरम ने कहा है कि यदि 22 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद भी विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी कर नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई, तो दीपावली के दौरान अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जैसे अगले चरण के आंदोलन पर निर्णय लिया जा सकता है।

संगठन ने शासन और ऊर्जा विभाग से मांग की है कि 24 जुलाई 2026 के निर्देशों के अनुरूप विभागीय परीक्षा की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए और आवश्यक अधिसूचना जारी की जाए, ताकि लंबे समय से विद्युत विभाग में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे विद्युत वितरण व्यवस्था में तकनीकी और मैदानी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। दीपावली के दौरान बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार की स्थिति में विद्युत आपूर्ति, फॉल्ट सुधार और उपभोक्ता शिकायतों के निराकरण जैसी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका संगठन ने जताई है।

कर्मचारियों ने शासन से अपील की है कि संभावित आंदोलन की स्थिति बनने से पहले उनकी मांगों पर समयबद्ध निर्णय लिया जाए और विभागीय परीक्षा की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोपाल में 22 अक्टूबर को बिजली संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, क्योंकि मध्यप्रदेश के विद्युत विभाग में उनके नियमितीकरण में देरी हो रही है। यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाईज एवं इंजीनियर्स ने इस विरोध का ऐलान किया और कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं पूरी हुईं तो दीपावली के दौरान अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे विद्युत आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, विशेषकर त्योहार के समय। आम जनता को बिजली कटौती, परिवहन में रुकावट और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, जि

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।