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बिलासपुर के अचानकमार में टाइग्रेस का हमला,युवक की मौत:दोस्तों ने भागकर बचाई जान, शावकों संग घूम रही बाघिन के करीब पहुंचने पर किया अटैक

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिलासपुर के अचानकमार में टाइग्रेस का हमला,युवक की मौत:दोस्तों ने भागकर बचाई जान, शावकों संग घूम रही बाघिन के करीब पहुंचने पर किया अटैक

बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में सोमवार को टाइग्रेस के हमले में एक युवक की मौत हो गई। घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान लोरमी क्षेत्र के बांधा गांव के 25 वर्षीय धरमलाल धृतलहरे के रूप में हुई है। एटीआर प्रबंधन ने युवक की मौत की पुष्टि की है।

जानकारी के मुताबिक, धरमलाल तीन अन्य युवकों के साथ जंगल के अंदर गया था। इसी दौरान चारों शावकों के साथ मौजूद टाइग्रेस के करीब पहुंच गए। खतरा महसूस होने पर टाइग्रेस ने उन पर हमला कर दिया। तीन युवक किसी तरह वहां से भाग निकले, लेकिन धरमलाल उसकी चपेट में आ गया। हमले में उसकी मौत हो गई।

बरसात में बंद है पार्क, फिर जंगल कैसे पहुंचे? बरसात के मौसम में हर साल की तरह इस समय अचानकमार टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद है। इसके बावजूद चार युवक जंगल के अंदर कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि युवक बांस या लकड़ी लेने के लिए जंगल में गए थे।

हालांकि वे किस रास्ते से प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे और वहां जाने की सही वजह क्या थी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। शावकों के साथ घूम रहीं तीन टाइग्रेस जिस इलाके में यह घटना हुई, वहां इन दिनों झुमरी, आशा और गंगा नाम की तीन टाइग्रेस अपने शावकों के साथ घूम रही हैं।

इसके अलावा एक नर बाघ की भी इस क्षेत्र में आवाजाही बताई जा रही है। शावकों के आसपास इंसानों की मौजूदगी टाइग्रेस के लिए खतरे की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए आक्रामक हो सकती है। तीन युवक भागकर बच निकले बताया जा रहा है कि चारों युवक जंगल में घूम रहे थे।

इसी दौरान वे शावकों के साथ मौजूद टाइग्रेस के काफी करीब पहुंच गए। खतरा महसूस होते ही टाइग्रेस आक्रामक हो गई। अचानक हुए हमले से तीन युवक किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन धरमलाल भाग नहीं सका। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

बाघों की बढ़ती संख्या के साथ बढ़ी चुनौती अचानकमार में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ जंगल और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। खासकर शावकों के साथ घूम रही मादा बाघिन ज्यादा सतर्क रहती है और खतरा महसूस होने पर हमला कर सकती है।

वन विभाग के सामने अब चुनौती जंगल से लगे गांवों के लोगों को बाघों की मौजूदगी और उनके व्यवहार के बारे में जागरूक करने की है। साथ ही प्रतिबंधित इलाकों में लोगों की आवाजाही रोकना भी जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

📡 स्रोत: NewsData.io

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