बिलासपुर में जिला पंचायत CEO के खिलाफ BSP का प्रदर्शन:पंचायत सचिव के साथ जातिगत-दुर्व्यवहार का आरोप, शिकायत करने पर किया सस्पेंड
बिलासपुर में जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मोर्चा खोल दिया है। करीब 3 महीने पहले पंचायत सचिव ने CEO पर जातिगत दुर्व्यवहार करने और बैठक से बाहर निकालने का आरोप लगाया था। इस मामले में SC-ST आयोग में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए बसपा ने प्रदर्शन किया। सोमवार को बसपा के जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने CEO के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट का घेराव किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम अधिकारियों को शिकायत सौंपी। उन्होंने CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बसपा नेताओं ने कहा कि पंचायत सचिव के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे बड़ा आंदोलन करेगी। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ?
24 अप्रैल को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पंचायत सचिव भी शामिल हुए थे। आरोप है कि बैठक के दौरान जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल ने ग्राम पंचायत नगोई के सचिव तुलसी ध्रुव से पहले उनका सरनेम पूछा। इसके बाद उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। पंचायत सचिव तुलसी ध्रुव ने मामले की शिकायत कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारियों से की। शिकायत करने पर किया सस्पेंड तुलसी ध्रुव ने मामले की शिकायत अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग से भी की। वहीं, जिला पंचायत सीईओ ने बिना शिकायत के ग्राम पंचायत नगोई के कार्यों की जांच के लिए 8 सदस्यीय टीम गठित कर दी। आरोप है कि पंचायत सचिव के शिकायत करने पर दुर्भावना के चलते उनके खिलाफ जांच कराई गई। इसके बाद 13 जुलाई को जारी कारण बताओ नोटिस का 27 जुलाई को जवाब देने के बावजूद 3 अगस्त को तुलसी ध्रुव को सस्पेंड कर दिया गया। आरोप है कि शिकायत करने के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं, बसपा नेताओं ने पंचायत कार्यवाही निरीक्षण नियम और पंचायत राज अधिनियम का हवाला देते हुए जांच की वैधानिकता पर आपत्ति जताई है। FIR और निष्पक्ष जांच की मांग बसपा ने इसे जातिगत प्रताड़ना बताते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत सीईओ संदीप अग्रवाल के खिलाफ तत्काल एफआईआर, निलंबन और बर्खास्तगी की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सीईओ बोले- आरोप निराधार, एसटी-एससी आयोग करा चुकी है जांच इधर, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत पहले ही एसटी-एससी आयोग में की जा चुकी है और वहां जांच भी हो चुकी है। बैठक में दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप निराधार हैं। बैठक में अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। संदीप अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच उन्होंने खुद एसपी से कराई थी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कर्मचारी के निलंबन के बाद वह बार-बार शिकायत लेकर अलग-अलग जगह जा रहा है।
📡 स्रोत: NewsData.io