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बिल्हा के भटगांव की घटना:घर के बाहर बात कर रहे तीन सगे भाइयों को बेकाबू माजदा ने रौंदा; दो की मौत, एक गंभीर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिल्हा के भटगांव की घटना:घर के बाहर बात कर रहे तीन सगे भाइयों को बेकाबू माजदा ने रौंदा; दो की मौत, एक गंभीर

बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम भटगांव में बुधवार रात करीब 8:30 बजे तेज रफ्तार माजदा (सीजी-10 सी 1868) ने सड़क किनारे खड़े तीन सगे भाइयों को रौंद दिया। हादसे में बरातु दास और प्रीतम दास की मौत हो गई, जबकि तीसरे भाई चंदू दास की हालत गंभीर है। तीनों भाई एक रिश्तेदार के घर उनकी गर्भवती बेटी का हालचाल जानने गए थे।

मुलाकात के बाद वे घर के बाहर अपनी बाइक (सीजी 10 एक्स 7988) के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान सेवार की ओर से आ रही बेकाबू माजदा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बाइक माजदा के पहिए में फंसकर घिसटती गई और गाड़ी बिजली के खंभे से टकराकर रुक गई। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

डायल-112 की टीम ने घायलों को बिल्हा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बरातु और प्रीतम को मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे रूपेन्द्र दास की रिपोर्ट पर पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया है। माजदा कोटा के शिवतराई निवासी के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसे पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया है।

फरार ड्राइवर की तलाश जारी है। पुलिस ने शुक्रवार को गाड़ी मालिक को पूछताछ के लिए थाने तलब किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि माजदा गाड़ी कोटा थाना क्षेत्र के शिवतराई निवासी एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है। 3 साल में सड़क किनारे खड़े या पैदल चलने वाले 143 लोगों की मौत जिले में सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों में लगभग 14% से 16% मृतक पैदल चलने वाले या सड़क किनारे खड़े लोग होते हैं।

बीते 3 सालों में सड़क किनारे खड़े रहने, बस या ऑटो का इंतजार करने और पैदल चलने के दौरान भारी व तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से करीब 143 से 160 लोगों की जान जा चुकी है। इस साल अब तक 820 से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें 180 से ज्यादा लोगों की जान गई है, जिनमें सड़क किनारे खड़े या पैदल चलने वाले 30 से ज्यादा लोग शामिल हैं।

वहीं, जिले में औसतन हर महीने लगभग 20 से 25 लोग अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा रहे हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

बिल्हा भटगांव की इस दुखद घटना से यह सिखने को मिलता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और संयम जीवन बचा सकते हैं। तेज गति और अनियंत्रित ड्राइविंग से न केवल जानें जाती हैं, बल्कि परिवारों में भी टूटन आती है। हमें अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने के लिए सुरक्षित मार्ग चुनना चाहिए, और यदि कोई विवाद हो तो कानूनी माध्यमों से हल करना चाहिए। इस त्रासदी के शिकार परिवार को हमारी संवेदनाएँ और समाज को सुरक्षित ड्राइविंग की प्रेरणा।

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