बिना हॉलमार्क वाला 800 ग्राम सोना जब्त, आप तो नहीं खरीद रहे नकली गोल्ड?
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सोना खरीदते समय ज्यादातर लोग उसकी चमक और कीमत पर ध्यान देते हैं, लेकिन असली सोने की पहचान के लिए सिर्फ देखकर फैसला करना सही नहीं है.
सोने की शुद्धता की जांच के लिए हॉलमार्क और HUID नंबर देखना बेहद जरूरी है.
इसी बीच चेन्नई से सोने की ज्वेलरी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है.
BIS की ओर से की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में बिना हॉलमार्क वाली सोने की ज्वेलरी जब्त की गई है.
चेन्नई में कितना सोना हुआ जब्त?
बता दें कि 1 सितंबर 2026 को चेन्नई के अंबत्तूर इलाके में BIS ने एक्शन किया था और इस कार्रवाई के दौरान कुल 803.99 ग्राम बिना हॉलमार्क वाली सोने की ज्वेलरी जब्त की गई है.
कार्रवाई में सोने की छोटी-बड़ी टोटल 237 ज्वेलरी आइटम जब्त किए गए हैं.
अभी सोना काफी महंगा है और बड़ी संख्या में लोग निवेश के साथ-साथ गोल्ड की ज्वेलरी भी खरीद रहे हैं.
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बिना हॉलमार्क वाला सोना क्यों गलत है?
यहां एक बात समझना जरूरी है कि बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी को सीधे नकली सोना नहीं कहा जा सकता है, लेकिन ऐसी ज्वेलरी खरीदते समय उसकी शुद्धता को लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.
हॉलमार्क एक तरह से सोने की शुद्धता की पहचान करने में मदद करता है.
इसलिए ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक को यह जरूर देखना चाहिए कि उस पर जरूरी हॉलमार्क और HUID से जुड़ी जानकारी मौजूद है या नहीं.
सोना खरीदते समय क्या चेक करना चाहिए?
आज के समय में सोने की ज्वेलरी खरीदते हुए HUID कोड चेक करना काफी जरूरी है.
ये एक यूनिक कोड होता है, जिसकी मदद से हॉलमार्क वाली ज्वेलरी की जानकारी और शुद्धता से जुड़ी डिटेल को वेरिफाई किया जा सकता है.
इसलिए सिर्फ दुकानदार की बात पर भरोसा करके सोना खरीदने के बजाय ग्राहक को खुद भी ज्वेलरी पर मौजूद हॉलमार्क और HUID की जांच करनी चाहिए.</p
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में चेन्नई के एक बड़े ज्वेलर से बिना हॉलमार्क वाली 800 ग्राम सोने की ज्वेलरी जब्त की गयी है। यह विषय सोने की शुद्धता और नकली गोल्ड की पहचान पर आधारित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि हॉलमार्क और HUID नंबर के बिना सोना खरीदना धोखाधड़ी का कारण बन सकता है, जिससे उपभोक्ता अनजाने में नकली या कम शुद्धता वाला सोना खरीद लेते हैं। आम जनता पर इसका असर यह है कि लोग सोना खरीदते समय अधिक सतर्क रहेंगे, शुद्धता जाँच के लिये हॉलमार्क देखने की आदत अपनाएँगे, और नकली गोल्ड से बचने के लिये जागरूकता बढ़ेगी।