बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचने पर ज्वैलर पर क्या हो सकती है कार्रवाई? जानिए कानून और जुर्माना

Gold Hallmark News: अगर आप सोने की ज्वैलरी खरीदने जा रहे हैं, तो उसकी हॉलमार्क जरूर देखें. क्योंकि हॉलमार्क सोने की असली होने की पहचान कराने में मदद करता है. भारतीय फिक्स नियम ब्यूरो यानी BIS ने गोल्ड ज्वैलरी की हॉलमार्किंग के लिए नियम फिक्स किए हैं. हालांकि, यह नियम हर तरह की ज्वैलरी और हर ज्वैलर पर जरूरी हॉलमार्किंग एक जैसे लागू नहीं होते.
जरूरी हॉलमार्किंग के दायरे में आने वाले जिलों में नियमों के तहत आने वाली सोने की ज्वैलरी को BIS के नियमों के अनुसार हॉलमार्क कराना जरूरी है. वहीं, 40 लाख तक साल का टर्नओवर वाले ज्वैलर्स को जरूरी हॉलमार्किंग से छूट दी गई है. इसके अलावा कुछ खास तरह की ज्वैलरी और सामान भी नियमों के अनुसार छूट मिलते हैं.
नियम तोड़ने पर ज्वैलर पर हो सकती है कार्रवाई
अगर कोई ज्वैलर जरूरी हॉलमार्किंग के नियमों का उल्लंघन करता है तो BIS उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. जांच के दौरान ज्वैलरी के सैंपल लिए जा सकते हैं. नियमों का उल्लंघन मिलने पर ज्वैलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ मामलों में BIS रजिस्ट्रेशन पर भी कार्रवाई हो सकती है.
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BIS Act के तहत ऐसे नियम तोड़ने के लिए सजा और जुर्माने है. जुड़े मामले में 1 साल तक की जेल या कम से कम 1 लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है. ये जुर्माना सामान की कीमत के पांच गुना तक जा सकता है. कुछ दूसरे नियमों को तोड़ने में 2 साल तक की जेल और कम से कम 2 लाख के जुर्माने है.
पुराना बिना हॉलमार्क सोना बेच सकते हैं?
घर में रखा पुराना बिना हॉलमार्क वाला सोना अपने आप में कानून के खिलाफ नहीं है. BIS के मुताबिक कस्टमर अपना पुराना बिना ह
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar