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बिना लाइसेंस चल रही मिठाई की फैक्ट्री बंद:लखनऊ में 2 क्विंटल खराब मिठाई नष्ट; 180 लीटर तेल सीज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बिना लाइसेंस चल रही मिठाई की फैक्ट्री बंद:लखनऊ में 2 क्विंटल खराब मिठाई नष्ट; 180 लीटर तेल सीज

लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को मिठाई बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर कार्रवाई की। नीवा कासिम खेड़ा में रिंकू की मिठाई बनाने फैक्ट्री की जांच के दौरान करीब 2 क्विंटल मिठाई ऐसी मिली, जिसे खाने लायक नहीं पाया गया। टीम ने पूरी मिठाई को मौके पर ही नष्ट करा दिया।

इसके अलावा 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी संदिग्ध गुणवत्ता का मिलने पर सीज कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि इकाई बिना लाइसेंस के चल रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने इकाई को तत्काल बंद करा दिया। जांच के लिए मिठाई और कच्चे माल के नमूने लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को इकाई में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी।

इसके बाद अधिकारियों की संयुक्त टीम ने 27 अगस्त को अचानक पहुंचकर जांच शुरू की। टीम ने वहां तैयार हो रही मिठाइयों और इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल की स्थिति देखी। खाद्य पदार्थों की क्वालिटी जांचने के लिए पेड़ा, एसएमपी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और चांदी के वर्क के नमूने लिए गए।

इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि इनमें से किसी में मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। गंदी हालत में रखी थी 200 किलो मिठाई निरीक्षण के दौरान करीब 200 किलो मिठाई ऐसी जगह और ऐसी स्थिति में रखी मिली, जिसे अधिकारियों ने इंसानों के खाने के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त माना।

अधिकारियों के मुताबिक इसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए है। मिठाई को बेचने या बाजार में पहुंचने से पहले ही टीम ने मौके पर नष्ट करा दिया। अधिकारियों का कहना है कि खराब तरीके से रखी खाद्य सामग्री लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती थी। 40 हजार से ज्यादा का तेल किया सीज जांच के दौरान 180 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल भी खराब मिली है।

इसकी अनुमानित कीमत 40,860 रुपए बताई गई है। टीम ने तेल को सीज कर दिया और इसके नमूने भी लिए। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि तेल में किस तरह की गड़बड़ी थी।

लाइसेंस नहीं दिखा सका संचालक कार्रवाई के दौरान मिठाई इकाई संचालक से खाद्य कारोबार के लिए जरूरी लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इकाई को बंद करा दिया गया। विभाग का कहना है कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करना नियमों का उल्लंघन है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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