राजनीति

बीपीएल चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए सरकार: भोटका

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

पीएमएवाई में अपात्र परिवारों को मकान मिलने की हो उच्चस्तरीय जांच अगस्त 24, शिमला (हिमाचल प्रदेश): प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाले परिवारों के चयन में हो रही देरी को लेकर जिला शिमला भाजपा प्रवक्ता जितेंद्र भोटका ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से बीपीएल परिवारों की अंतिम सूची तैयार नहीं हो पाना बेहद चिंताजनक है। सरकार द्वारा चयन प्रक्रिया के लिए अब तक नौ चरण शुरू किए जा चुके हैं, लेकिन अंतिम सूची अभी तक सामने नहीं आ सकी है।

भोटका ने आज जारी बयान में आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर बीपीएल चयन के मामले को लंबा खींच रही है और बार-बार अधिसूचनाएं जारी कर लोगों का ध्यान भटका रही है।

उन्होंने कहा कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और आशंका बढ़ रही है कि अपने चहेतों को बीपीएल सूची में शामिल करने के लिए नियमों में बार-बार बदलाव किया जा रहा है।

भोटका ने कहा कि जब सरकार ने बीपीएल परिवारों के चयन के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं तो बार-बार उनमें संशोधन करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रधान सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद परिवारों की वास्तविक स्थिति की जानकारी होती है।

उन्होंने कहा कि केवल बीपीएल में शामिल होने के लिए आवेदन मांगना उचित चयन प्रक्रिया नहीं है बल्कि घर-घर जाकर वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए। जिला भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बीते वर्ष पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा आवासहीन परिवारों की पहचान के लिए जियो-टैगिंग के माध्यम से सर्वे किया गया था।

इसके बावजूद हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची जारी होने पर कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के जुन्गा क्षेत्र की अधिकांश पंचायतों में कथित तौर पर साधन संपन्न परिवारों के नाम मकान स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे परिवारों को भी आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनके पास पक्के मकान, चौपहिया व दोपहिया वाहन तथा कई एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि जियो-टैगिंग के माध्यम से पहचान किए गए आवासहीन परिवार अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं।

उन्होंने भारत सरकार की ओर से गरीब परिवारों को दिए जा रहे मुफ्त राशन के वितरण में भी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। भोटका ने आरोप लगाया कि कई साधन संपन्न परिवार भी गरीबों के लिए निर्धारित मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं जोकि उचित नहीं है।

उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर अपात्र लाभार्थियों को सूची से बाहर करने की मांग की।

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AIR Shimla

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